असि नदी की तलहटी में अवैध निर्माण: पांच फीट तक उठी दीवार पर जांचने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, हवा में एनजीटी का आदेश
असि नदी की तलहटी में एक तरफ दीवार उठाने की शिकायत के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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असि नदी की तलहटी में अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला तलहटी में दीवार उठाने का सामने आया है। स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत की शिकायत के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इधर, असि नदी की तलहटी में अवैध निर्माण का मामला उठने से अतिक्रमण करने वाले बौखला गए हैं।
गुरुवार को दिन में अवैध निर्माण का कार्य तो बंद कर दिया गया लेकिन रात में चुपके-चुपके दीवार की निर्माण का कार्य अनवरत जारी है। मौके पर हो रहा अवैध निर्माण यह बताने के लिए काफी है कि जिला प्रशासन एनजीटी के आदेशों का पालन कराने में कितना गंभीर है। अवैध निर्माण की सूचना के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
असि नदी के बाढ़ क्षेत्र में रवींद्रपुरी से संकटमोचन पुलिया के बीच घसियारी टोला, रोहितनगर नरिया में अवैध निर्माण कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को खबर प्रकाशित होने के बाद अतिक्रमणकारियों ने काम तो रोक दिया लेकिन मौके पर उनके लोग दिनभर चहलकदमी करते रहे। जमीन से लगभग पांच फीट ऊपर तक दीवार उठाई जा चुकी है।
निर्माण कार्य के आसपास जाने वालों को धमकाया गया और कुछ लोगों ने तस्वीर लेने की कोशिश की तो उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। 23 नवंबर 2021 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी)में असि नदी को बचाने के लिए वाद दाखिल किया गया था। इसके बाद एनजीटी ने असि नदी को पुनर्जीवित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिए थे।
एनजीटी की दो सदस्यीय पीठ ने 26 फरवरी 2022 को 40 पृष्ठ का दिशा निर्देश जारी किया था। इसमें जिला प्रशासन को आदेश दिया गया था कि असि और वरुणा के दोनों ओर बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन पिलर लगाकर किया जाए। जिला प्रशासन का दावा है कि वह असि नदी को पुनर्जीवित करने की योजना पर काम कर हैं।
असि नदी को बेचने और पाटने का खेल अनवरत जारी
असि बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक गणेश शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि असि नदी को बेचने और पाटने का खेल अनवरत जारी है। असि की तलहटी में निर्माण करने वालों को किसी का खौफ नहीं है और बेधड़क होकर निर्माण कार्य कर रहे हैं। सुबह से चल रहे निर्माण में शाम तक पांच लगभग फीट की ऊंचाई तक दीवार का पक्का निर्माण हो चुका था।