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काशी को स्मार्ट बनाएगा आईआईटी बीएचयू
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वाराणसी। काशी को स्मार्ट सिटी बनाने में नगर निगम अब आईआईटी बीएचयू का सहयोग लेगा। इसमें संस्थान के विशेषज्ञ शहर के विकास के लिए चल रहे प्रोजेक्ट, डिजाइन के बारे में अपनी सलाह देंगे। इसके साथ ही टीम के सदस्य शहर में विभिन्न संस्थानों पर चलने वाले निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरांग राठी और आईआईटी निदेशक प्रो. पीके जैन ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से देश के शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है। इसके तहत काम तो पहले से ही चल रहा है लेकिन अब नगर निगम वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड में होने वाले कार्यों में आईआईटी बीएचयू का सहयोग ले रहा है। इस बारे में निदेशक प्रो. पीके जैन ने बताया कि शहर के विकास में संस्थान के शिक्षकाें, छात्रों की भागीदारी को बढ़ाना ही इस करार का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए बनाए गए प्रोजेक्ट, स्ट्रक्चरल डिजाइन आदि के बारे में पहले संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सलाह ली जाएगी। इसके बाद प्रोजेक्ट के तहत चलने वाले कार्यों का निरीक्षण कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों की प्रमाणिकता की जांच करेगी। साथ ही शहर के प्रबुद्धजनों के साथ संस्थान के विशेषज्ञों व अन्य अधिकारियों की बैठकों में भी लोगों की सलाह ली जाएगी। करार के बाद छात्रों को भी वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड में इंटर्न करने का मौका मिलेगा, जिससे भावी इंजीनियर्स के आइडिया को भी शहर के विकास के लिए उपयोग किया जा सके।
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आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से देश के शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है। इसके तहत काम तो पहले से ही चल रहा है लेकिन अब नगर निगम वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड में होने वाले कार्यों में आईआईटी बीएचयू का सहयोग ले रहा है। इस बारे में निदेशक प्रो. पीके जैन ने बताया कि शहर के विकास में संस्थान के शिक्षकाें, छात्रों की भागीदारी को बढ़ाना ही इस करार का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए बनाए गए प्रोजेक्ट, स्ट्रक्चरल डिजाइन आदि के बारे में पहले संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सलाह ली जाएगी। इसके बाद प्रोजेक्ट के तहत चलने वाले कार्यों का निरीक्षण कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों की प्रमाणिकता की जांच करेगी। साथ ही शहर के प्रबुद्धजनों के साथ संस्थान के विशेषज्ञों व अन्य अधिकारियों की बैठकों में भी लोगों की सलाह ली जाएगी। करार के बाद छात्रों को भी वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड में इंटर्न करने का मौका मिलेगा, जिससे भावी इंजीनियर्स के आइडिया को भी शहर के विकास के लिए उपयोग किया जा सके।
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