आईआईटी बीएचयू: सोलर सेल, नैनो टेक्नोलॉजी से हाईटेक होगा रिसर्च-इनोवेशन, इस संस्थान के साथ किया गया समझौता
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू में सोलर सेल, नैनो टेक्नोलॉजी से रिसर्च-इनोवेशन हाईटेक होगा। पेरोव्स्काइट सोलर सेल अनुसंधान के क्षेत्र में काम किया जाएगा।
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आईआईटी बीएचयू में सोलर सेल और नैनो टेक्नोलॉजी की मदद से हाईटेक रिसर्च के साथ इनोवेशन और प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए आईआईटी ने पी थ्री सी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। पेरोव्स्काइट सोलर सेल अनुसंधान के क्षेत्र में काम किया जाएगा। इस साझेदारी से शैक्षणिक और शोध उत्कृष्टता को औद्योगिक विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमताओं के साथ जोड़ा जाएगा।
उच्च स्तरीय प्रदर्शन, विश्वसनीय और स्वदेशी थिन-फिल्म सोलर सेल तकनीक के विकास को तेजी मिलेगी। यह सहयोग सतत और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के लिए बेहतर काम करेगा।
समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से रिसर्च प्रोजेक्ट, तकनीकी विकास, स्किल बढ़ाने के कार्यक्रमों, औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और नॉलेज को एक्सचेंज करेंगे। यह सहयोग उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहभागिता को भी प्रोत्साहित करेगा। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पेशेवरों को नवीकरणीय ऊर्जा के साथ ही नैनो टेक्नोलॉजी की उभरती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
कम लागत में ज्यादा दक्ष ऊर्जा सिस्टम होगा तैयार
समझौता करने वाले दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग से नवाचार को बढ़ाने की बात की। सौर प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी क्षमता को भी गिनाया गया। यह तकनीक कम लागत में ज्यादा दक्ष और प्रभावी नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम के विकास में बड़ा योगदान दे सकती है। यह साझेदारी भारत के नवीकरणीय ऊर्जा इको सिस्टम को मजबूत बनाने और अत्याधुनिक शोध और प्रभावशाली तकनीकी समाधान के विकास में भी इसका इस्तेमाल होगा।एमओयू के दौरान आईआईटी बीएचयू की ओर से रिसर्च एवं डेवलपमेंट के डीन प्रो. राजेश कुमार, सेरामिक इंजीनियरिंग के डॉ. मोहम्मद इम्तेयाज अहमद और विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार दुबे उपस्थित रहे।