IIT BHU: परिसर में 90 फीसदी कामकाज डिजिटल, इस साल 100 प्रोफेसर की नियुक्ति; सॉफ्ट कॉपी में दिखेंगी ये चीजें
Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित आईआईटी परिसर में अब अधिकत काम डिजिटल तरीके से होंगे। कागज को सॉफ्ट कॉपी में तब्दील कर दिया गया है। संस्थान की ओर से सीएसआर फंड की स्कीम से विकास कराया जाएगा।
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IIT BHU: आईआईटी बीएचयू का 90 फीसदी एकेडमिक और प्रशासनिक कामकाज डिजिटल हो चुका है। कोर्स रजिस्ट्रेशन, माइनर और मेजर विषयों का चयन, अवकाश के लिए आवेदन, फीस मैनेजमेंट और रिफंड जैसी सुविधाओं को पूरी तरह से सॉफ्ट कॉपी में तब्दील कर किया जा रहा है।
वहीं, आईआईटी बीएचयू में इस साल 100 नए प्रोफेसरों को नियुक्त किया जाएगा। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने संस्थान के सभी डीन, एसोसिएट डीन, प्रोफेसर-इन-चार्ज और ग्रुप ए अधिकारियों के साथ बैठक की। 2026 के एकेडमिक और प्रशासनिक विकास का रास्ता तैयार किया गया।
इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर विंग, ट्रांस्लेशनल मेडिकल और फार्मास्यूटिकल उत्पादों के लिए एक रिसर्च सेंटर की स्थापना करने पर बात हुई। संस्थान की ओर से हाईटीआरएल इन्फ्रास्ट्रक्चर पायलट उत्पादन इकाइयों का विकास होगा। सीएसआर फंड की स्कीम से विकास कराया जाएगा।
प्रोजेक्ट और कंसल्टेंसी कार्य भी होंगे ऑनलाइन
निदेशक प्रो. पात्रा ने कहा कि नए वर्ष में संस्थान ई-गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संस्थान की प्राथमिकताओं में एलुमनाई सिस्टम को मजबूत बनाया जाएगा। मेंटरशिप आधारित छात्र सहभागिता बढ़ाकर एलुमनाई कार्यक्रम किए जाएंगे। उद्याेग आधारित शिक्षा में सहयोग बढ़ाया जाएगा। प्रोजेक्ट्स और कंसल्टेंसी गतिविधियों को एक साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। प्रोफेसर्स और वैज्ञानिकों के बीच उत्पाद के आधार पर समस्या-समाधान केंद्रित रिसर्च को भी बढ़ावा दिया जाएगा।