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अगर ये प्रस्ताव पास हुआ तो यूपी का पहला मॉडल शहर बन जाएगा बनारस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:16 AM IST
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वाराणसी नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र और गुजरात की तरह प्रदेश में भी नक्शा पास करने के नियमों में बदलाव कर काशी को प्रदेश में मॉडल जिला बनाने की तैयारी की जा रही है। अगर इससे संबंधित प्रस्ताव पास हो गया तो प्रदेश का पहला ऐसा शहर होगा, जहां नगरीय क्षेत्र में नक्शा पास करने का जिम्मा नगर निगम को सौंप दिया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में भवन के निर्माण का नक्शा पास करने की व्यवस्था अभी तक वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के पास है। आवेदक को 1100 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से विकास शुल्क जमा करना पड़ता है।
महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई प्रदेशों में नक्शा पास करने का अधिकार नगर निगम को है। मध्य प्रदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग है, जो जिला प्रशासन के अधीन होता है और नगरीय क्षेत्र में विकास कार्र्य कराता है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश में भी यह व्यवस्था लागू करने के लिए वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखा जाएगा।
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अगर नगर निगम प्रस्ताव को सर्वसम्मत्ति से पास कर देगा तो इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन इस प्रस्ताव को विधानसभा में रखेगा। आम सहमति होने पर प्राधिकरण और नगर निगम के अधिनियमों में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू होगी।
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शहरी क्षेत्र में भवन के निर्माण का नक्शा पास करने की व्यवस्था अभी तक वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के पास है। आवेदक को 1100 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से विकास शुल्क जमा करना पड़ता है।
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महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई प्रदेशों में नक्शा पास करने का अधिकार नगर निगम को है। मध्य प्रदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग है, जो जिला प्रशासन के अधीन होता है और नगरीय क्षेत्र में विकास कार्र्य कराता है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश में भी यह व्यवस्था लागू करने के लिए वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखा जाएगा।
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अगर नगर निगम प्रस्ताव को सर्वसम्मत्ति से पास कर देगा तो इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन इस प्रस्ताव को विधानसभा में रखेगा। आम सहमति होने पर प्राधिकरण और नगर निगम के अधिनियमों में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू होगी।
नगर निगम का कोष बढ़ेगा, बढ़ेंगी सुविधाएं
नई व्यवस्था में आम लोगों को सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं होगा लेकिन परोक्ष रूप से उनके द्वारा दिए गए विकास शुल्क का प्रयोग विकास कार्यों पर ही होगा। नगर निगम को शहरी क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए हर साल करोड़ों रुपये मिल जाएंगे। शहरी क्षेत्र में सड़क, पानी, सीवर के अलावा अन्य व्यवस्थाएं नगर निगम ही करता है। यही नहीं, अतिक्रमण के अलावा आपदा के समय सारी व्यवस्थाएं नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई जाती हैं।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि वीडीए शहरी क्षेत्र में विकास शुल्क जमा कराता है लेकिन अधिकतर कार्य शहरी क्षेत्र के बाहर करता है। नियम बदलने से शहरी क्षेत्र का पैसा इसी क्षेत्र की बेहतरी के लिए खर्च हो सकेगा।
वीडीए के नगर नियोजक मनोज कुमार नगर निगम कार्यकारिणी में पास प्रस्ताव को विधानसभा में भी पास करना होगा। इसके बाद दोनों विभागों के एक्ट में बदलाव भी करना होगा तब ही जाकर प्रदेश में यह संभव हो सकता है।
90 वार्ड हैं नगर निगम के क्षेत्र में
05 जोन में बंटा है निगम का पूरा क्षेत्र
01.91 लाख है भवनों की संख्या
20 लाख है शहर की आबादी
700 से अधिक नक्शा हर साल पास करता है वीडीए
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि वीडीए शहरी क्षेत्र में विकास शुल्क जमा कराता है लेकिन अधिकतर कार्य शहरी क्षेत्र के बाहर करता है। नियम बदलने से शहरी क्षेत्र का पैसा इसी क्षेत्र की बेहतरी के लिए खर्च हो सकेगा।
वीडीए के नगर नियोजक मनोज कुमार नगर निगम कार्यकारिणी में पास प्रस्ताव को विधानसभा में भी पास करना होगा। इसके बाद दोनों विभागों के एक्ट में बदलाव भी करना होगा तब ही जाकर प्रदेश में यह संभव हो सकता है।
90 वार्ड हैं नगर निगम के क्षेत्र में
05 जोन में बंटा है निगम का पूरा क्षेत्र
01.91 लाख है भवनों की संख्या
20 लाख है शहर की आबादी
700 से अधिक नक्शा हर साल पास करता है वीडीए