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Varanasi News: बनारस में पहली बार 100 कवि एक मंच पर करेंगे काव्य पाठ, जुटेंगे 20 से अधिक राज्यों के साहित्यकार
Thu, 14 Mar 2024 07:53 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 14 Mar 2024 07:53 PM IST
सार
Varanasi: 17 मार्च को बीएचयू हिंदी विभाग के आचार्य रामचंद्र शुक्ल सभागार में नई नदी के स्वर समवेत काव्य संग्रह का लोकार्पण व सम्मान समारोह होगा। इसमें 1292 पृष्ठ के काव्य संग्रह में हिंदी भाषी कवियों के साथ ही अहिंदी भाषी कवियों की भी रचनाएं हैं।
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काव्य पाठ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बनारस में पहली बार एक मंच पर 100 कवि एक साथ काव्य पाठ करेंगे। इसके साथ ही देश के 20 से अधिक राज्यों के 151 साहित्यकार और समाजसेवियों को सम्मानित किया जाएगा। 17 और 18 मार्च को होने वाले आयोजन के दौरान देश और दुनिया भर के 325 रचनाकारों के काव्य संग्रह का भी लोकार्पण होगा।
यह जानकारी विश्व हिंदी शोध संवर्धन अकादमी के निदेशक हीरालाल मिश्र मधुकर, गिरीश पांडेय, भोलानाथ त्रिपाठी विह्वल और डॉ. सुभाषचंद ने बुधवार को दी। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदी शोध संवर्धन अकादमी और बीएचयू हिंदी विभाग की ओर से आधुनिक परिप्रेक्ष्य में हिंदी काव्य की दशा और दिशा एक परिसंवाद विषयक दो दिवसीय आयोजन 17 मार्च से शुरू होगा।
17 मार्च को बीएचयू हिंदी विभाग के आचार्य रामचंद्र शुक्ल सभागार में नई नदी के स्वर समवेत काव्य संग्रह का लोकार्पण व सम्मान समारोह होगा। इसमें 1292 पृष्ठ के काव्य संग्रह में हिंदी भाषी कवियों के साथ ही अहिंदी भाषी कवियों की भी रचनाएं हैं। पुस्तक को गीत-नवगीत, गजल, दोहा, कविता और विविध प्रकार के मुक्तक छंद में विभाजित किया गया है।
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18 मार्च को हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय दुर्गाकुंड में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसमें देश के कई राज्यों से लगभग 100 से अधिक कवि अपनी कविताओं का अनवरत पाठ करेंगे।
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यह जानकारी विश्व हिंदी शोध संवर्धन अकादमी के निदेशक हीरालाल मिश्र मधुकर, गिरीश पांडेय, भोलानाथ त्रिपाठी विह्वल और डॉ. सुभाषचंद ने बुधवार को दी। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदी शोध संवर्धन अकादमी और बीएचयू हिंदी विभाग की ओर से आधुनिक परिप्रेक्ष्य में हिंदी काव्य की दशा और दिशा एक परिसंवाद विषयक दो दिवसीय आयोजन 17 मार्च से शुरू होगा।
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17 मार्च को बीएचयू हिंदी विभाग के आचार्य रामचंद्र शुक्ल सभागार में नई नदी के स्वर समवेत काव्य संग्रह का लोकार्पण व सम्मान समारोह होगा। इसमें 1292 पृष्ठ के काव्य संग्रह में हिंदी भाषी कवियों के साथ ही अहिंदी भाषी कवियों की भी रचनाएं हैं। पुस्तक को गीत-नवगीत, गजल, दोहा, कविता और विविध प्रकार के मुक्तक छंद में विभाजित किया गया है।
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18 मार्च को हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय दुर्गाकुंड में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसमें देश के कई राज्यों से लगभग 100 से अधिक कवि अपनी कविताओं का अनवरत पाठ करेंगे।