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काशी विश्वनाथ कॉरिडोरः रजिस्ट्री के रुपये कर रहे रिश्तों को तार-तार, अपनों को पहचानने से इंकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:57 AM IST
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श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर के लिए मकानों की रजिस्ट्री का काम लगातार जारी है। वर्तमान में हालत यह हो गई है कि रजिस्ट्री से मिलने वाला रुपया अब रिश्तों पर भी भारी पड़ने लगा है। भाई-बहन, चाचा भतीजा और भाई-भाई एक दूसरे को पहचानने से इंकार कर रहे हैं।
विश्वनाथ मंदिर के कार्यालय में रोजाना रजिस्ट्री के लिए पहुंच रहे मामलों से इस बात का खुलासा हुआ है। इससे आजिज आकर अधिकारी अब फैमिली ट्री बनाकर रजिस्ट्री करा रहे हैं। बिना फैमिली ट्री के किसी भी मकान की रजिस्ट्री नहीं हो रही है।
साढ़े छह सौ करोड़ रुपये की श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के लिए भवनों की खरीद प्रक्रिया सुस्त गति से चल रही है। कॉरिडोर के लिए 166 भवनों की खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। अब तक 79 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है और इसमें से 34 भवनों का ध्वस्तीकरण भी कराया जा चुका है।
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दो सप्ताह पहले पक्कामहाल के रहने वाले राजेश अपनी मकान की रजिस्ट्री कराने पहुंचे। उन्होंने फैमिली ट्री में अपनी बहन का जिक्र नहीं किया। बहन को जब सूचना मिली तो वह भी मौके पर पहुंच गई। भाई ने बहन को पहचानने से इंकार कर दिया।
राजेश की पत्नी ने तो सिरे से नकार दिया कि वह उसकी ननद है। बहन ने जब कागजात दिखाए तब जाकर मंदिर प्रशासन ने नई फैमिली ट्री बनाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। यह तो महज बानगी भर है।
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विश्वनाथ मंदिर के कार्यालय में रोजाना रजिस्ट्री के लिए पहुंच रहे मामलों से इस बात का खुलासा हुआ है। इससे आजिज आकर अधिकारी अब फैमिली ट्री बनाकर रजिस्ट्री करा रहे हैं। बिना फैमिली ट्री के किसी भी मकान की रजिस्ट्री नहीं हो रही है।
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साढ़े छह सौ करोड़ रुपये की श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के लिए भवनों की खरीद प्रक्रिया सुस्त गति से चल रही है। कॉरिडोर के लिए 166 भवनों की खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। अब तक 79 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है और इसमें से 34 भवनों का ध्वस्तीकरण भी कराया जा चुका है।
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दो सप्ताह पहले पक्कामहाल के रहने वाले राजेश अपनी मकान की रजिस्ट्री कराने पहुंचे। उन्होंने फैमिली ट्री में अपनी बहन का जिक्र नहीं किया। बहन को जब सूचना मिली तो वह भी मौके पर पहुंच गई। भाई ने बहन को पहचानने से इंकार कर दिया।
राजेश की पत्नी ने तो सिरे से नकार दिया कि वह उसकी ननद है। बहन ने जब कागजात दिखाए तब जाकर मंदिर प्रशासन ने नई फैमिली ट्री बनाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। यह तो महज बानगी भर है।
राज्य सरकार ने जारी किए डेढ़ सौ करोड़
मंदिर प्रशासन से जुड़े आलोक सिंह ने बताया कि अभी तक इस तरह के 15 मामले सामने आ चुके हैं। हम लोग भी इसमें पूरी पारदर्शिता बरत रहे हैं। बेटियों को भी उनका हक मिले इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
नगर निगम से 50 सालों के मुआयना कराए बिना कोई भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे किसी भी तरह के विवाद की संभावना स्वत: समाप्त हो जा रही है।
राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के रास्ते में पड़ने वाले मकानों के अधिग्रहण के लिए 150 करोड़ की धनराशि जारी की है। मकानों के अधिग्रहण के लिए यूपी सरकार को केंद्र सरकार से 307 करोड़ रुपये मिलने हैं।
2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुसार काशी विश्वनाथ मंदिर का विस्तार सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर करने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए यूपी और केंद्र सरकार ने मिलकर श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट की शुरुआत की। अधिकारियों की मानें तो यह लगभग 700 मीटर लंबा कॉरिडोर होगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 650 करोड़ का खर्च आना है।
नगर निगम से 50 सालों के मुआयना कराए बिना कोई भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे किसी भी तरह के विवाद की संभावना स्वत: समाप्त हो जा रही है।
राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के रास्ते में पड़ने वाले मकानों के अधिग्रहण के लिए 150 करोड़ की धनराशि जारी की है। मकानों के अधिग्रहण के लिए यूपी सरकार को केंद्र सरकार से 307 करोड़ रुपये मिलने हैं।
2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुसार काशी विश्वनाथ मंदिर का विस्तार सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर करने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए यूपी और केंद्र सरकार ने मिलकर श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट की शुरुआत की। अधिकारियों की मानें तो यह लगभग 700 मीटर लंबा कॉरिडोर होगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 650 करोड़ का खर्च आना है।