Varanasi: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में हिंदू पक्ष बंटा, विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख सहित दो पर परिवाद
ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस की पांच वादिनी महिलाएं दो धड़े में बंटीं हैं। एक धड़े में रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और सीता साहू हैं। दूसरे धड़े में राखी सिंह हैं। राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन हैं।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार की अदालत ने मां श्रृंगार गौरी केस के पैरोकार और विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन समेत दो के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही परिवादी चार महिलाओं का बयान दर्ज करने के लिए तीन मार्च की तिथि तय की है। अदालत ने पिछले दिनों आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी।
ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस की पांच वादिनी महिलाएं दो धड़े में बंटीं हैं। एक धड़े में रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और सीता साहू हैं। दूसरे धड़े में राखी सिंह हैं। राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन हैं। रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और सीता साहू ने जितेंद्र सिंह विसेन के खिलाफ प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
महिला वादियों को धमकाने का आरोप
चारों महिलाओं का आरोप है कि मां श्रृंगार गौरी मुकदमे की पावर ऑफ अटार्नी मुख्यमंत्री को सौंपने के लिए जितेंद्र सिंह विसेन ने उन्हें धमकाया। मुकदमे की सुनवाई के लिए जाने के दौरान कचहरी परिसर में उनके साथ गालीगलौज की गई।
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इस मामले में कोई ऐसा तथ्य नहीं है जिसकी विवेचना पुलिस से कराने की आवश्यकता हो। ऐसे में चारों महिलाओं के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किया जाता है।