#हिंदीहैंहम: हिंदी से देश होगा मजबूत, मातृभाषा को दें सम्मान
मातृभाषा के सम्मान से हमारी अस्मिता हमारे संस्कार और हमारी परंपराओं का सम्मान होता है। मातृभाषा हमें जीने का सलीका प्रदान करते हुए हममें श्रेष्ठता के भावों का संचार करती है। प्रत्येक व्यक्ति को मातृभाषा के महत्व को मानते हुए समर्पित रहकर मातृभाषा को मान देना चाहिए। यह बात है मंगलवार को मातृभाषा को मान देने का आह्वान करते हुए युवाओं ने कही। कहा कि हिंदी से देश मजबूत होग। इसलिए उसे सम्मान दें।
हिंदी का हिंदुस्तान बनाना होगा
आज हम हैरान होते हैं, जब ी परीक्षा में बच्चे अपनी मातृभाषा में अनुत्तीर्ण हो जाते हैं। ये चिंताजनक है, हम सब भारतीय जिस भाषा में सपने देखते हैं, क्या वो भाषा किसी और भाषा से बड़ी हो सकती है हमारे लिए। हम सबको हिंदी का हिंदुस्तान बनाना है। जहां हर भारतीय विदेशों में भी जब बात करें तो मातृभाषा हिंदी में करें।- आकाश
विदेशों में भी हिंदी में बनाई पहचान
विश्व का ऐसा कोई देश नहीं है, जहां पर हिंदी भाषा पढ़ी-लिखी और बोली न जाती हो। देश या विदेश में यात्रा के दौरान मेरी कोशिश रहती है कि अपनी मातृभाषा हिंदी में बात करूं। हिंदी को सबसे सशक्त बनाने के लिए हमें इसे सर्वाधिक आमजन की भाषा बनाना होगा। विदेशों में लोगों का अपनी भाषा के प्रति राष्ट्रीय स्वाभिमान है।- सुभाष गौतम
पीढ़ियों से समृद्ध हो रही है हिंदी
विश्व में हिंदी ही ऐसी भाषा है जो दो लिपियों में लिखी जाती है। हिंदी एक ऐसी भाषा है जो सरकारी संरक्षण की मोहताज नहीं है। पीढ़ियों से हिंदी समृद्ध होती चली आ रही है। देश को पहचानना हैं तो हिंदी में बात करें। आजकल लोगों हिंदी को लेकर बहुत हताशा हैं। लोगों के दिमाग से ये हताशा का कीड़ा निकालना बहुत जरूरी है।-रोली सिंह रघुवंशी