आईआईटी बीएचयू और हिमालयन एनवायरनमेंटल स्टडीज एंड कंजर्वेशन ऑर्गेनाइजेशन (हेस्को) देहरादून के बीच एमओयू किया गया है। इसके तहत दोनों संस्थान स्थिरता, पर्यावरणीय अनुसंधान और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता को जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन के साथ एकीकृत कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना है। समझौता ज्ञापन पर आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और पद्म भूषण सम्मानित हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने हस्ताक्षर किया। डॉ. जोशी ने कहा कि सतत जीवन शैली अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारे ग्रह और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए एक अनिवार्यता बन चुकी है। यह समझौता ज्ञापन संयुक्त अनुसंधान पहलों, शैक्षणिक सहयोग, समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों, जनसंपर्क गतिविधियों तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। इस समझौता ज्ञापन से संबंधित गतिविधियों के लिए संस्थान का एसडीजी केंद्र नोडल केंद्र के रूप में कार्य करेगा। प्रो. अमित पात्रा ने बताया कि समझौते के तहत दोनों संस्थान बिना किसी वित्तीय दायित्व के संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देंगे, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों का आदान-प्रदान करेंगे। यह समझौता ज्ञापन प्रारंभिक रूप से दो वर्षों की अवधि के लिए मान्य रहेगा। माैके पर प्रो. राजेश कुमार, प्रो. हीरालाल प्रामाणिक, प्रो. विकास कुमार दुबे मौजूद रहे।