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गर्मी से राहत, जलभराव से मुश्किलें
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Tue, 18 Aug 2015 02:21 AM IST
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शहर में छह घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस दौरान कुल 97.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। इससे सड़कों और कालोनियों में जलभराव हो गया। कई जगह सड़कें धंस गईं। नरिया में एनसीसी कंपाउंड की एक दीवार सोमवार की सुबह बारिश के दौरान गिर गई। दीवार के पास खड़ी एक स्कार्पियो समेत दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। भारी बारिश से सावन के सोमवार पर दर्शन करने उमड़े श्रद्धालुओं को तो तकलीफ उठानी ही पड़ी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई।
आधी रात के बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और सुबह छह बजे तेज बारिश शुरू हो गई। सुबह सात बजे से दिन के नौ बजे तक रिकार्ड वर्षा हुई। गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। लंबे समय बाद हुई झमाझम बारिश से उमस से राहत मिली और धान की सूख रही फसल को जीवनदान मिल गया। खेतों के लिए राहत का संदेश लेकर आई बारिश शहर में
रहने वालों के लिए मुसीबत का सबब बन गई। बीएचयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई ने 97.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई, जिसके चलते सड़कों और बस्तियों में पानी भर गया। ग्रामीण इलाकों में बारिश का जोर उतना तेज नहीं था, जितना शहर में। बाबतपुर मौसम सेवा केंद्र में सुबह आठ बजे तक महज 5.6 मिलीमीटर ही बारिश रिकार्ड की गई।
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कहीं जलभराव, तो कहीं जर्जर सड़कोें के चलते लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। इसके चलते शहर के प्रमुख हिस्सों में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही, बावजूद इसके समस्याओें के
समाधान के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की ओर से ठोस उपाय नहीं किए गए। रथयात्रा चौराहा के समीप दो स्थानों पर और वरुणापार में जेपी मेहता इंटर कॉलेज से जेल मार्ग, शिवपुर-बाबतपुर मार्ग सहित शहर के कुछ अन्य प्रमुख इलाकोें में सड़कें धंस गईं। इस वजह से इन क्षेत्रों में दिन भर जाम की स्थिति बरकरार रही, मगर इन सड़कों की मरम्मत के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किया गया। उधर, सोमवार को हुई बारिश के कारण लंका चौराहा, गुरुधाम-भेलूपुर मार्ग, कमच्छा, गोदौलिया, नई सड़क, कोल्हुआ, विनायका, क्रांतिपल्ली, बड़ी गैबी, गुरुबाग, शुकुलपुरा, खोजवां, शिवाला, महमूरगंज, सिद्धगिरिबाग, सोनिया
चेतगंज, लक्सा, जद्दूमंडी, मंडुवाडीह में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। बारिश का पानी शिवपुरवा मलिन बस्ती, मंडुवाडीह क्षेत्र के रानीपुर मुहल्ले में, शुकुलपुरा, बजरडीहा, जोल्हा, सरैया, पुलकोहना सहित शहर के कई निचले इलाकों के घरों में घुस गया। शहरवासियों को जलभराव की इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से कोई प्रयास नहीं किया।
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आधी रात के बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और सुबह छह बजे तेज बारिश शुरू हो गई। सुबह सात बजे से दिन के नौ बजे तक रिकार्ड वर्षा हुई। गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। लंबे समय बाद हुई झमाझम बारिश से उमस से राहत मिली और धान की सूख रही फसल को जीवनदान मिल गया। खेतों के लिए राहत का संदेश लेकर आई बारिश शहर में
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रहने वालों के लिए मुसीबत का सबब बन गई। बीएचयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई ने 97.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई, जिसके चलते सड़कों और बस्तियों में पानी भर गया। ग्रामीण इलाकों में बारिश का जोर उतना तेज नहीं था, जितना शहर में। बाबतपुर मौसम सेवा केंद्र में सुबह आठ बजे तक महज 5.6 मिलीमीटर ही बारिश रिकार्ड की गई।
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कहीं जलभराव, तो कहीं जर्जर सड़कोें के चलते लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। इसके चलते शहर के प्रमुख हिस्सों में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही, बावजूद इसके समस्याओें के
समाधान के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की ओर से ठोस उपाय नहीं किए गए। रथयात्रा चौराहा के समीप दो स्थानों पर और वरुणापार में जेपी मेहता इंटर कॉलेज से जेल मार्ग, शिवपुर-बाबतपुर मार्ग सहित शहर के कुछ अन्य प्रमुख इलाकोें में सड़कें धंस गईं। इस वजह से इन क्षेत्रों में दिन भर जाम की स्थिति बरकरार रही, मगर इन सड़कों की मरम्मत के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किया गया। उधर, सोमवार को हुई बारिश के कारण लंका चौराहा, गुरुधाम-भेलूपुर मार्ग, कमच्छा, गोदौलिया, नई सड़क, कोल्हुआ, विनायका, क्रांतिपल्ली, बड़ी गैबी, गुरुबाग, शुकुलपुरा, खोजवां, शिवाला, महमूरगंज, सिद्धगिरिबाग, सोनिया
चेतगंज, लक्सा, जद्दूमंडी, मंडुवाडीह में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। बारिश का पानी शिवपुरवा मलिन बस्ती, मंडुवाडीह क्षेत्र के रानीपुर मुहल्ले में, शुकुलपुरा, बजरडीहा, जोल्हा, सरैया, पुलकोहना सहित शहर के कई निचले इलाकों के घरों में घुस गया। शहरवासियों को जलभराव की इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से कोई प्रयास नहीं किया।