पीएम से बात कर भावुक हुईं काशी की स्वास्थ्य कर्मी पुष्पा, कहा- मेरी 37 साल की सेवा आज सफल हुई
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आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके मैं खुद को गौरवशाली समझ रही हूं। मेरी 37 साल की नौकरी का आज मुझे सबसे बड़ा पुरस्कार मिला। पीएम मोदी ने वैक्सीन के बारे में मुझसे पूछा, तो मैंने उनको अपना अनुभव बताया। बताया कि मैंने खुद वैक्सीन लगवाई है और अपना वीडियो बनाकर अपने सहयोगियों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया है।
वैक्सीन लगवाने के बाद मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई। ये अनुभव वाराणसी की स्वास्थ्यकर्मी पुष्पा ने शुक्रवार को पीएम मोदी से संवाद के दौरान साझा किया। पीएम से बातचीत के दौरान वे भावुक भी हो गईं।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कोरोना टीका लगवाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार में स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर टीकाकरण के बाद के प्रभावों की जानकारी ली। जिस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार भी जताया। इस दौरान पीएम ने कहा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। यह संदेश जन-जन तक बांटने की जरूरत है।
कहा कि किसी भी वैक्सीन को बनाने के पीछे हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत होती है, इसमें वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। वैक्सीन के बारे में निर्णय करना राजनीतिक नहीं होता, हमने तय किया था कि जैसा वैज्ञानिक कहेंगे, वैसे ही हम करेंगे।
आज देश में ऐसा माहौल है कि देश अपनी वैक्सीन खुद बना रहा है। वो भी दो-दो मेड इन इंडिया वैक्सीन। आज देश के कौने-कौने तक वैक्सीन तेजी से पहुंच रही है। इस सबसे बड़ी जरुरत को लेकर भारत आत्मनिर्भर है, साथ ही भारत कई देशों की मदद भी कर रहा है। 2021 की शुरुआत बहुत ही शुभ संकल्पों से हुई है।
काशी के बारे में कहते हैं कि यहां शुभता सिद्धि में बदल जाती है। इसी सिद्धि का परिणाम है कि आज विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान हमारे देश में चल रहा है। हम पिछले 4-5 साल से जो स्वच्छता अभियान चला रहे हैं, पीने के शुद्ध पानी का अभियान चला रहे हैं और शौचालय निर्माण का अभियान चला रहे हैं, इन चीजों के कारण हमारे देश के गरीब से गरीब व्यक्ति में भी बीमारी से जूझने की एक ताकत पैदा हुई है। मुझे विश्वास है कि आप सबकी मेहनत से बहुत ही जल्द एक बार आप सब सुरक्षित हो जाएंगे, तो समाज के बाकी तबकों के टीकाकरण के काम को भी आप आगे बढ़ाएंगे।