{"_id":"698041023c58ef4e6e0be226","slug":"harishchandra-ghat-design-of-construction-will-be-changed-for-temple-not-be-demolished-in-varanasi-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"रणनीति: हरिश्चंद्र घाट पर निर्माण की बदलेगी डिजाइन, नहीं छुए जाएंगे देव विग्रह; ये है पूरी योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रणनीति: हरिश्चंद्र घाट पर निर्माण की बदलेगी डिजाइन, नहीं छुए जाएंगे देव विग्रह; ये है पूरी योजना
Mon, 02 Feb 2026 11:45 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:45 AM IST
सार
Varanasi News: हरिश्चंद्र घाट पर बनने वाले अत्याधुनिक शवदाह स्थल की डिजाइन में बदलाव की रणनीति बनी है। इसके तहत पुराने मंदिरों में देव विग्रहों को नहीं छेड़ा जाएगा। केवल बाहरी दीवारों को हटाकर निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
विज्ञापन
हरिश्चंद्र घाट का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरिश्चंद्र घाट पर बनने वाले अत्याधुनिक शवदाह स्थल की डिजाइन में फेरबदल होगा। पहले यहां स्थापित छोटे- बड़े मंदिरों को हटाकर दोबारा बनाना था लेकिन अब यहां देव विग्रहों को नहीं छेड़ने की रणनीति बनी है। केवल मंदिर के बाहरी दीवारों को हटाकर निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। जब पूरी तरह से शवदाह गृह बन जाएंगे तब देव विग्रहों के आसपास पहले से अधिक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। हाल ही में इसे लेकर दौरा भी हुआ था। जिसमें हर बिंदु पर चर्चा की गई थी।
विज्ञापन
एक अधिकारी ने बताया कि इसे लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई है। जिसमें तय हुआ है कि शवयात्रियों की समस्याओं को दूर करने के साथ- साथ यहां के मंदिर को भव्य बनाया जाएगा। इस साल इसे तैयार करना है।
विज्ञापन
कार्यदायी एजेंसी के पास जून तक का समय है। इसके बाद बाढ़ जाएगी। फिर नवंबर या दिसंबर में काम शुरू होगा। यही नहीं इसकी लागत भी 24 करोड़ से बढ़कर 29 करोड़ की जा रही है ताकि बेहतर तरीके से मंदिर का निर्माण कराया जा सके।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; Varanasi: मेडिकल कॉलेज में बनेंगे पांच मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, आठ मंजिला भवन में होंगी ये सुविधाएं
हरिश्चंद्र घाट पर सात प्लेटफॉर्म बनेंगे। यहां 13,250 वर्ग फीट क्षेत्र में निर्माण होगा। सड़क मार्ग से 1.8 मीटर ऊपर शवदाह स्थल होंगे। कवर्ड एरिया में शव जलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट के पुनर्विकास का शिलान्यास 7 जुलाई, 2023 को किया था। इसके बाद से इस घाट को नव्य और भव्य बनाने की दिशा में कार्य शुरू हुआ। जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन, एडीफिस, ब्रिजटेक इंफ्रा विजन मिलकर काम कर रहे हैं। जिनका फोकस आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न होने पर है।