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Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी में जाने से सर्वे टीम के एक सदस्य को रोका गया, हिंदू पक्ष के सोहनलाल बोले- 'अंदर बाबा मिल गए'

Mon, 16 May 2022 03:18 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 16 May 2022 03:18 PM IST
सार

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे का काम लगातार तीसरे दिन पूरा हो गया है। कल अदालत में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। सर्वे में मिले साक्ष्यों को लेकर कयासबाजी तेज होने लगी है। ज्ञानवापी से बाहर निकले अधिवक्ताओं ने अलग-अलग दावे किए। पढ़ें हर अपडेट...

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Gyanvapi Survey live update news varanasi Last day survey continues in Gyanvapi masjid crowd gathered in kashi vishwanath temple
ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए जाते अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के बहुचर्चित  ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे का काम लगातार तीसरे दिन पूरा हो गया है। कल यानी 17 मई एडवाकेट कमिश्नर को कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट पेश करनी है। सोमवार को सर्वे के बाद एक याचिका दायर कर ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया।  शिवलिंग को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इस पर वाराणसी कोर्ट ने वाराणसी डीएम को आदेश दिया है कि जिस स्थान पर शिवलिंग प्राप्त हुआ है, उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाए।

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इससे पहले  सूत्रों के हवाले से खबर आई कि सर्वे में शामिल एक सदस्य को ज्ञानवापी परिसर में जाने से पुलिस ने रोक दिया। कुछ देर बैठाने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। सर्वे की जानकारी लीक करने के आरोपों में ये कार्रवाई की गई। 
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वहीं सर्वे के बाद ज्ञानवापी से बाहर निकले वादी पक्ष के पैरोकार सोहनलाल आर्य ने मीडिया से कहा कि अंदर बाबा मिल गए। इस बारे में पूछने पर कहा कि जिन खोजा तिन पाइयां..तो समझिए, जो कुछ खोजा जा रहा था, उससे कहीं अधिक मिला है। दावा किया कि गुंबद, दीवार और फर्श के सर्वे के दौरान कई साक्ष्य दबे हुए से दिखे। उन्होंने पुरातात्विक सर्वेक्षण करने की बात कही। वहीं अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता अभयनाथ यादव और मुमताज अहमद  ने कहा कि अंदर कुछ भी नहीं मिला। इधर, पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने सर्वे पूरा होने पर काशिवासियों का आभार जताया है। मीडिया को धन्यवाद कहा है।
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डीएम बोले- किसी के दावे पर ध्यान देने की जरूरत नहीं

वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि सर्वे को लेकर अगर किसी ने कोई बात कही है या किसी बात का दावा किया है तो यह उनकी व्यक्तिगत राय है। ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में कोर्ट कमिश्नर द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बाद कोई भी बात अदालत के द्वारा ही बताया जाएगा। किसी की बात पर कोई ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। 

हाई लैंस कैमरे से हुई फोटोग्राफी

सूत्रों के मुताबिक आज तहखाने के अंदर एक हिस्से में जमा मलबे व पानी को निकाल कर वीडियोग्राफी कराई गई। वहीं ज्ञानवापी के गुंबद की आज फिर वीडियोग्राफी हुई। इसकी बनावट की हाई लैंस कैमरे से फोटोग्राफी भी की गई। शनिवार को भी इसका सर्वे किया गया था।

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पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा - फोटो : अमर उजाला

अदालत के आदेश के बाद शनिवार और रविवार को चार-चार घंटे में 80 से 85 फीसदी ही सर्वे ही हुआ था। 17 मई को सर्वे रिपोर्ट वाराणसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में पेश की जाएगी। शनिवार को तहखाने के अंदर एक हिस्से में मलबे व पानी की वजह से सर्वे की पूरी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। वादी पक्ष ने मलबा हटाकर जांच करने की बात कही तो प्रतिवादी पक्ष ने एतराज भी जताया था। आज इसी हिस्से का सर्वे हुआ।  वीडियोग्राफी के लिए विशेष कैमरों का इस्तेमाल किया गया। सर्वे को लेकर आज भी जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था रही। 

इधर, बुद्ध पूर्णिमा और सोमवार का दिन होने के कारण बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में गंगा स्नान के लिए पहुंचे। उनकी  सुरक्षा के लिए गंगा में एनडीआरएफ और जल पुलिस तैनात को तैनात किया गया। बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर एक और गंगा द्वार से मंदिर में प्रवेश कराया गया। श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। 

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

ज्ञानवापी की ओर आने वाले सभी रास्ते को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिए गए हैं। मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर आम वाहनों पर प्रतिबंध है। बांसफाटक क्षेत्र की दुकानें सर्वे होने तक बंद  हैं। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश सर्वे शुरू होते ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। पैदल मार्च कर शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र को दो जोन में बांटा गया है। काशी और वरुणा जोन में एडिशनल सीपी स्तर के अधिकारी बनाए गए हैं। गोदौलिया से दशाश्वमेध मार्ग होते हुए गंगा तक पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है। 

हिंदू पक्ष का दावा-राह हुई आसान, मुस्लिम पक्ष ने कहा-कुछ नहीं मिला

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ज्ञानवापी से बाहर निकलते सर्वे टीम में शामिल अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला

इससे पहले शनिवार को ज्ञानवापी परिसर में दूसरे दिन रविवार को सर्वे के दौरान गुंबद, दीवारों और तहखाने की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी की गई।  80 फीसदी से ज्यादा सर्वे की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। शनिवार को सर्वे के बाद बाहर निकले हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि हमने जिन बातों को आधार बनाकर वाद दायर किया था, वह और भी मजबूत हो गया है। सर्वे में जो साक्ष्य व तथ्य मिल रहे हैं, उनसे हमारी राह और आसान हो जाएगी। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष के वकील ने तीन बार ऊंची आवाज में कहा कि कुछ नहीं मिला, कुछ नहीं मिला, कुछ नहीं मिला। 

बहुत कुछ जमीन के काफी अंदर दब गया...

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चौैक क्षेत्र में पुलिस की बैरिकेडिंग - फोटो : अमर उजाला

सर्वे में क्या मिला, क्या नहीं मिला, इसकी हकीकत सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल होने के बाद ही सामने आएगी। लेकिन, वादी पक्ष की ओर से एक सदस्य ने इस बात का भी दावा किया कि सैकड़ों वर्ष पुराना मामला होने के कारण बहुत कुछ जमीन के काफी अंदर दब गया है। ऐसे में काशी विश्वनाथ मंदिर व अन्य देव विग्रहों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य पुरातात्विक सर्वेक्षण के बाद मिलने के आसार हैं। 

यहां बता दें कि फास्ट ट्रैक की अदालत ने पिछले साल अप्रैल 2021 में ज्ञानवापी परिसर में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू आदि विश्वेश्वर मामले में पुरातात्विक सर्वेक्षण के आदेश दिए थे। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को रडार विधि से सर्वे का आदेश दिया गया था। मगर, बाद में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की आपत्ति पर उच्च न्यायालय ने फास्ट ट्रैक अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है।
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