{"_id":"64d9c40b8e18a715f00662e5","slug":"gyanvapi-mosque-asi-survey-will-not-held-on-15-august-scientific-survey-started-late-today-2023-08-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gyanvapi Survey: कल ज्ञानवापी परिसर में नहीं होगा एएसआई सर्वे, आज देर से शुरू हुआ वैज्ञानिक सर्वेक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gyanvapi Survey: कल ज्ञानवापी परिसर में नहीं होगा एएसआई सर्वे, आज देर से शुरू हुआ वैज्ञानिक सर्वेक्षण
Mon, 14 Aug 2023 11:35 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 14 Aug 2023 11:35 AM IST
सार
Gyanvapi ASI Survey: वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञाननापी परिसर में एएसआई सर्वे का आज 12वां दिन है। 15 अगस्त को सर्वे नहीं होगा। अत्याधुनिक मशीनों की मदद से परिसर के अलग अलग हिस्सों का सर्वे किया जा रहा है।
विज्ञापन
ज्ञानवापी में सर्वे के लिए जाती एएसआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञाननापी परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने आज देर से सर्वे शुरू किया। सावन के छठवें सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ऐसा हुआ। रोजाना एएसआई की टीम सुबह 8 से 9 के बीच सर्वे शुरू करती थी मगर सोमवार को 11 बजे के बाद प्रक्रिया शुरू हुई। आज भी लंच ब्रेक और नमाज के वक्त सर्वे रोका जाएगा।
विज्ञापन
कल यानी 15 अगस्त को सर्वे नहीं होगा। इसके बाद 16 अगस्त से फिर एएसआई की टीम परिसर में सर्वे करेगी। रविवार को सुबह आठ बजे ही टीम ज्ञानवापी पहुंच गई थी। वैज्ञानिक विधि से सर्वे को आगे बढ़ाया गया। अत्याधुनिक मशीनों की मदद से परिसर के अलग अलग हिस्सों का सर्वे किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद सावन में पहली बार रिकॉर्ड प्रसाद की बिक्री, इन राज्यों में ज्यादा मांग
विज्ञापन
ज्ञानवापी परिसर की निर्माण शैली और कलाकृतियों के परीक्षण के लिए फोटो,वीडियोग्राफी कराई गई। यहां बता दें कि ज्ञानवापी मामले में जिला जज की अदालत ने एएसआई, वादी, प्रतिवादी, शासकीय अधिवक्ता और किसी अधिकारी को टिप्पणी करने और बयान देने पर प्रतिबंध लगाया है।