Sawan: काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद सावन में पहली बार रिकॉर्ड प्रसाद की बिक्री, इन राज्यों में ज्यादा मांग
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट एवं डाक विभाग की ओर से प्रसाद की बिक्री होती है। सावन में नीचीबाग डाकघर के काउंटर से अब तक प्रसाद के 2300 पैकेट खरीदे जा चुके हैं। बीते साल सावन में 1600 पैकेट प्रसाद की बिक्री हुई थी।
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सावन में श्री काशी विश्वनाथ के प्रसाद की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। देश भर से लोगों ने इसे ऑनलाइन तो मंगाया ही है, डाकघर से अब तक 2300 पैकेट प्रसाद की बिक्री हो चुकी है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट एवं डाक विभाग की ओर से प्रसाद की बिक्री होती है। सावन में नीचीबाग डाकघर के काउंटर से अब तक प्रसाद के 2300 पैकेट खरीदे जा चुके हैं। अभी सावन खत्म होने में 15 दिन शेष हैं।
उम्मीद है कि इसकी बिक्री में और इजाफा होगा। सावन में ही 1200 पैकेट प्रसाद ऑनलाइन मंगाए गए हैं। बीते साल सावन में 1600 पैकेट प्रसाद की बिक्री हुई थी। वहीं, महाशिवरात्रि पर 2080 पैकेट बिके थे। वाराणसी डाक परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने बताया कि सावन में ज्यादा लोग काउंटर से प्रसाद लेते हैं। बाकी दिनों में ऑनलाइन ज्यादा बिक्री होती है।
251 रुपये में ऑनलाइन प्रसाद
सावन में बाबा विश्वनाथ के प्रसाद की मांग गुजरात और कर्नाटक में ज्यादा रही है। दक्षिण भारत के राज्यों में कर्नाटक के बाद तमिलनाडू, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के श्रद्धालु प्रसाद ले जाते हैं। डाकघर के काउंटर से लेने पर प्रसाद 201 रुपये में मिलता है जबकि ऑनलाइन मंगाने पर 251 रुपये देने होते हैं।
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प्रसाद में मिलने वाली सामग्री
प्रसाद में बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगते सिक्का, रक्षा सूत्र, मेवा, मिश्री आदि होता है। डिब्बा बंद प्रसाद टैंपर्ड प्रूफ लिफाफे में होता है।