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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के एएसआई से सर्वे के खिलाफ मसाजिद कमेटी पहुंची सुप्रीम कोर्ट

Sun, 23 Jul 2023 03:47 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 23 Jul 2023 03:47 PM IST
सार

वाराणसी जिला जज की अदालत ने ज्ञानवापी के सील वजूखाने को छोड़कर पूरे परिसर का एएसआई से सर्वे कराने की इजाजत दे दी है। इस आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष यानी मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 

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Gyanvapi Case Masjid Committee reaches Supreme Court against survey by ASI of Gyanvapi mosque
ज्ञानवापी परिसर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी के सील वजूखाने को छोड़कर पूरे परिसर के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वे संबंधी जिला जज की अदालत के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। मसाजिद कमेटी का कहना है कि एएसआई से सर्वे का आदेश देकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई है। याचिका पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है।

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अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि जिला जज की अदालत का आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है। कमेटी के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।

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सुप्रीम अदालत और कानून पर पूरा भरोसा

सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि बीते 12 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में स्थित फव्वारे की कार्बन डेटिंग और वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब उसके अगल-बगल के क्षेत्र का एएसआई से सर्वे का आदेश जिला अदालत ने दिया है।

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ये भी पढ़ें: दो वर्ष पहले भी हुआ था ज्ञानवापी के सर्वे का आदेश, हाईकोर्ट में 25 जुलाई को सुनवाई

Gyanvapi Case Masjid Committee reaches Supreme Court against survey by ASI of Gyanvapi mosque
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि यह गंभीर मसला है। इसमें जल्दबाजी दिखाने की जरूरत नहीं है। जिला अदालत को बताया भी गया था कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। देश की सुप्रीम अदालत और कानून पर पूरा भरोसा है। हमारे साथ अन्याय नहीं होगा।
ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी का ASI सर्वे; वाराणसी के जिला जज बोले- वैज्ञानिक जांच करके बताएं क्या मंदिर के ऊपर बनाई गई है मस्जिद

एएसआई को कल सौंपी जाएगी अदालत के आदेश की प्रति

 ज्ञानवापी परिसर (सील वजूखाने को छोड़कर) के सर्वे संबंधी जिला जज की अदालत के आदेश की प्रति सोमवार को हिंदू पक्ष की ओर से सारनाथ स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कार्यालय में दी जाएगी। यह जानकारी हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने दी है। उनका कहना है कि जरूरी औपचारिकताएं शनिवार को पूरी कर ली गईं।

सोमवार को अदालत के आदेश की प्रति एएसआई के स्थानीय अधिकारियों को सौंपकर उनसे वादी और प्रतिवादी पक्ष की बैठक बुलाकर सर्वे का काम जल्द शुरू कराने की मांग की जाएगी। अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि हाईकोर्ट या फिर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की जाएगी। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। हमारी प्राथमिकता में ज्ञानवापी में एएसआई से सर्वे शुरू करा कर वैज्ञानिक तरीके से वास्तविक तथ्यों को सामने लाना है।

चार अगस्त तक अदालत को सौंपनी है रिपोर्ट

जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने शुक्रवार को ज्ञानवापी परिसर (सील वजूखाने को छोड़कर) का सर्वे करने का आदेश एएसआई को दिया है। सर्वे रिपोर्ट चार अगस्त तक अदालत में जमा करनी है। सात पेज के आदेश में अदालत ने कहा है कि इमारत की संरचना को नुकसान पहुंचाए बगैर वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी है। यह बताना है कि क्या मंदिर के ऊपर मस्जिद बनाई गई है?

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