Gyanvapi Survey: दो वर्ष पहले भी हुआ था ज्ञानवापी के सर्वे का आदेश, हाईकोर्ट में 25 जुलाई को सुनवाई
Gyanvapi Masjid Case: वर्ष 1991 में सिविल कोर्ट में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ व अन्य बनाम अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी व अन्य का वाद दाखिल किया गया था। आठ अप्रैल 2021 को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट आशुतोष तिवारी की अदालत ने सर्वे का आदेश दिया था।
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वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के एएसआई से सर्वे कराने का आदेश दो वर्ष पहले भी जिला अदालत ने दिया था। हालांकि सर्वे के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ से संबंधित इस मुकदमे की सुनवाई की अगली तिथि 25 जुलाई है। इसी प्रकरण को लेकर जिला जज की अदालत में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की निगरानी याचिका भी लंबित है।
वर्ष 1991 में सिविल कोर्ट में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ व अन्य बनाम अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी व अन्य का वाद दाखिल किया गया था। लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने 10 दिसंबर 2019 को जिला अदालत में प्रार्थना पत्र देकर ज्ञानवापी परिसर का एएसआई से रडार तकनीक से सर्वे कराने की मांग की थी।
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आठ अप्रैल 2021 को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट आशुतोष तिवारी की अदालत ने विजय शंकर रस्तोगी के आवेदन को स्वीकार कर सर्वे का आदेश दिया था। हालांकि, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की अपील पर सितंबर 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वे पर रोक लगा दी थी। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में 25 जुलाई को होनी है।
हिंदुओं के हित की लड़ाई लड़ रहा हूं: विजय शंकर
अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने शुक्रवार के जिला जज की अदालत के आदेश पर कहा कि पांच महिलाएं पूजापाठ के व्यक्तिगत अधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। हम देश और दुनिया के पूरे हिंदुओं के ज्ञानवापी से जुड़े धार्मिक हित की लड़ाई लड़ रहे हैं। ज्ञानवापी से संबंधित एएसआई से सर्वे को लेकर मामला उच्च न्यायालय में लंबित है।
हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगा रखी है रोक
बीते 12 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग जैसी आकृति की कार्बन डेटिंग का आदेश एएसआई को दिया था। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी।
साध्वी पूर्णांबा और शारदांबा ने भी की थी मांग
अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने बताया कि ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे की मांग के लिए साध्वी पूर्णांबा और साध्वी शारदांबा की ओर से भी वाद दाखिल है। बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिनीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मांग की गई थी कि उनका वाद मां शृंगार गौरी के वाद में समायोजित कर सुनवाई की जाए। इस पर सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तिथि नियत है। इसी बीच एएसआई से सर्वे कराने का आदेश पारित हो गया।
शिवलिंग जैसी आकृति के वैज्ञानिक सर्वे पर है सुप्रीम रोक
ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में मिले शिवलिंग जैसी आकृति के वैज्ञानिक सर्वे का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी दिया था। इस आदेश को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। वजूखाना क्षेत्र अब भी कोर्ट के आदेश पर सील है। वजूखाना में ही शिवलिंग जैसी आकृति मिलने का दावा हिंदू पक्ष की ओर से किया गया है।