Gyanvapi Case: मसाजिद कमेटी की रिवीजन याचिका पर 10 अगस्त को बहस, ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपने की है मांग
सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से जिला अदालत में दाखिल रिवीजन याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई टल गई। अदालत ने इस मामले में बहस के लिए अगली तिथि 10 अगस्त तय की है।
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ज्ञानवापी परिसर में हिंदुओं को सौंपने सहित तीन मामलों में सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से जिला अदालत में दाखिल रिवीजन याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई टल गई। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने इस मामले में बहस के लिए अगली तिथि 10 अगस्त तय की है।
ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपने, बरामद शिवलिंग की पूजा करने का अधिकार देने और मुस्लिमों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए किरन सिंह ने अदालत में वाद दाखिल किया था। इस वाद पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से वाद की पोषणीयता को चुनौती दी गई।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) ने 17 नवंबर 2022 को वाद को सुनवाई योग्य पाते हुए अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की आपत्ति को खारिज कर दिया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) के इस आदेश को चुनौती देते हुए जिला जज की अदालत में अंजुमन इंतजामिया की ओर से रिवीजन याचिका दायर की गई।
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किरन सिंह के अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने दलील में कहा कि जिला जज को यह रिवीजन सुनने का अधिकार नहीं है। जिस पर कोर्ट ने कहा कि यह सिविल जज के कोर्ट के आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल है। ऐसे में कोर्ट को सुनवाई का अधिकार है। इसी के साथ कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी को बहस करने के लिए 10 अगस्त की तिथि तय कर दी।