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श्रीप्रकाश और सोनू ने बीएचयू से की थी पीएचडी
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वाराणसी। गुरुग्राम में पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर आत्महत्या करने वाले वैज्ञानिक डॉ. श्रीप्रकाश सिंह ने 1995 में बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग से एनालिटिकल केमिस्ट्री में पीएचडी की थी। रसायन विज्ञान विभाग के कर्मचारियों के अनुसार श्रीप्रकाश की पत्नी सोनू भी उनके साथ पीएचडी की थी। पढ़ाई करने के बाद दोनों ने प्रेम विवाह किया और बनारस छोड़ कर लखनऊ चले गए। इसके बाद दोनों कहां गए, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।
बाबतपुर क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के मूल निवासी डॉ. श्रीप्रकाश और सोनू ने बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग से 1991 में एमएससी की पढ़ाई की थी। हालांकि एमएससी के बाद श्रीप्रकाश और सोनू ने किन प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में पीएचडी की उपाधि ग्रहण की, इस संबंध में विभाग के प्रोफेसर और कर्मचारी भी कुछ बता नहीं सके। श्रीप्रकाश और उनके परिवार के साथ हुई घटना के बारे में जान कर रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर स्तब्ध नजर आए। वहीं, रघुनाथपुर के ग्रामीण भी श्रीप्रकाश के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। गांव के कुछेेक बुजुर्गों के अनुसार श्रीप्रकाश ने अपनी पैतृक संपत्ति लगभग 25 साल पहले बेच दी थी। उनके पिता की मौत हो गई थी और उनकी मां उनके साथ ही रहती थी। वर्षों से वह गांव नहीं आए थे, इस वजह से उनके बारे में किसी को कोई खास जानकारी नहीं है।
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बाबतपुर क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के मूल निवासी डॉ. श्रीप्रकाश और सोनू ने बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग से 1991 में एमएससी की पढ़ाई की थी। हालांकि एमएससी के बाद श्रीप्रकाश और सोनू ने किन प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में पीएचडी की उपाधि ग्रहण की, इस संबंध में विभाग के प्रोफेसर और कर्मचारी भी कुछ बता नहीं सके। श्रीप्रकाश और उनके परिवार के साथ हुई घटना के बारे में जान कर रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर स्तब्ध नजर आए। वहीं, रघुनाथपुर के ग्रामीण भी श्रीप्रकाश के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। गांव के कुछेेक बुजुर्गों के अनुसार श्रीप्रकाश ने अपनी पैतृक संपत्ति लगभग 25 साल पहले बेच दी थी। उनके पिता की मौत हो गई थी और उनकी मां उनके साथ ही रहती थी। वर्षों से वह गांव नहीं आए थे, इस वजह से उनके बारे में किसी को कोई खास जानकारी नहीं है।
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