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Varanasi News: बिना टिकट धमेख स्तूप में दर्शन करने पहुंचे 400 बौद्ध भिक्षुओं को गार्ड ने रोका, हंगामा
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खंडहर परिसर में बुधवार दोपहर प्रवेश कर रहे 400 बौद्ध भिक्षुओं को गार्ड ने रोक दिया। इससे नाराज बौद्ध अनुयायियों ने हंगामा किया। बीच बचाव करने पहुंचे पुरातात्विक अधिकारी से नोकझोंक हुई। आरोप लगाया कि स्तूप बौद्धों का प्रार्थना स्थल है, इसके बावजूद उन्हें प्रवेश करने के लिए टिकट लेना पड़ता है। पुरातात्विक अधिकारी ने सबको समझाकर स्तूप के दर्शन कराए।
जानकारी के मुताबिक, दिन में तीन बजे धम्म यात्रा से पहले बौद्ध अनुयायी भंते चंदीमा की अगुवाई में धमेख स्तूप का पूजन करने जा रहे थे। आरोप है कि बौद्ध अनुयायियों को गेट पर तैनात गार्ड ने टिकट दिखाने के नाम पर रोक दिया। इस पर बौद्ध अनुयायी हंगामा करने लगे। इस वजह से पुरातात्विक खंडहर परिसर का गेट 15 मिनट के लिए बंद करना पड़ा। इस बीच गेट पर खड़े बौद्ध अनुयायी हंगामा करने लगे। बीच बचाव करने आए पुरातात्विक संरक्षक सहायक जे राजू ने समझाबुझा कर प्रवेश दिया। जे राजू ने कहा कि बौद्ध अनुयायी जबरन निकास द्वार से प्रवेश कर रहे थे जिस पर गार्ड ने उन्हें रोक दिया, ज्यादातर के पास प्रवेश टिकट नहीं था। भंते चंदीमा ने कहा कि धमेख स्तूप बौद्ध अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल है। प्रवेश द्वार पर लगे गार्ड हमेशा गलत व्यवहार करते हैं। देश में किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह रोक टोक नहीं होती है।
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जानकारी के मुताबिक, दिन में तीन बजे धम्म यात्रा से पहले बौद्ध अनुयायी भंते चंदीमा की अगुवाई में धमेख स्तूप का पूजन करने जा रहे थे। आरोप है कि बौद्ध अनुयायियों को गेट पर तैनात गार्ड ने टिकट दिखाने के नाम पर रोक दिया। इस पर बौद्ध अनुयायी हंगामा करने लगे। इस वजह से पुरातात्विक खंडहर परिसर का गेट 15 मिनट के लिए बंद करना पड़ा। इस बीच गेट पर खड़े बौद्ध अनुयायी हंगामा करने लगे। बीच बचाव करने आए पुरातात्विक संरक्षक सहायक जे राजू ने समझाबुझा कर प्रवेश दिया। जे राजू ने कहा कि बौद्ध अनुयायी जबरन निकास द्वार से प्रवेश कर रहे थे जिस पर गार्ड ने उन्हें रोक दिया, ज्यादातर के पास प्रवेश टिकट नहीं था। भंते चंदीमा ने कहा कि धमेख स्तूप बौद्ध अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल है। प्रवेश द्वार पर लगे गार्ड हमेशा गलत व्यवहार करते हैं। देश में किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह रोक टोक नहीं होती है।
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