'गार्ड ऑफ ऑनर' से शहीद रमेश का किया सम्मान, लोगों ने लगाए अमर रहें के नारे
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पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए वाराणसी के सीआरपीएफ जवान रमेश यादव का शव शनिवार को शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव तोफापुर पहुंचा। शव पहुँचने के बाद घर में कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर पत्नी, मां और पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
शहीद रमेश के घर मंत्री अनिल राजभर, मनोज सिन्हा, महेंद्रनाथ पांडेय और महेश शर्मा के साथ अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सभी शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने आए थे। शहीद रमेश के शव को दोपहर करीब दो बजे वाराणसी के बलुआ घाट ले जाया गया। इसके बाद वहां पर सीआरपीएफ के जवानों और पुलिस बल ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर शहीद रमेश यादव को सम्मान दिया।
इसके बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। रमेश की अंतिम यात्रा में उनके पूरे गांव के साथ बनारस शहर के लोग भी मौजूद रहें। उनके अंतिम दर्शन के लिए बलुआ घाट पर काफी लोग उमड़े हुए है। बनारस में हर ओर 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्', और 'रमेश यादव अमर रहें' के नारे गूंज रहे है।
बता दें कि शनिवार सुबह जब शहीद जवानों का शव वाराणसी के मोहनसराय पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारे लगाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लोग भोर से ही शहीदों के पार्थिव शव का इंतजार कर रहे थे।
सीआरपीएफ के जवानों ने अपने वाहनों में रमेश और अवधेश के शव लेकर चौबेपुर और चंदौली के लिए रवाना हे गए। सीआरपीएफ का वाहन बिल्कुल दुल्हन की तरह सजा था। शहीदों के काफिले के आगे-आगे लोग बाइक से शहीदों के अमर रहने के नारे लगा रहे थे। बता दें कि सभी शहीदों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी।