फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   GST Two-thirds of Banarasis cut spending on luxury-imported goods preferring local products in varanasi

GST 2.0: दो-तिहाई बनारसियों ने लग्जरी-इंपोर्टेड सामान के खर्च में की कमी, लोकल उत्पादों को दी प्राथमिकता

Sun, 16 Nov 2025 04:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 16 Nov 2025 04:45 PM IST
सार

जीएसटी 2.0 का असर बनारस के लोगों पर भी पड़ा है। बीएचयू में इसको लेकर एक अध्ययन किया गया है। लोग सुखदायक और महंगे सामान नहीं खरीद रहे हैं। कुछ लोगों ने खरीदारी में कमी भी की है।

विज्ञापन
GST Two-thirds of Banarasis cut spending on luxury-imported goods preferring local products in varanasi
लोकल उत्पादों को दी प्राथमिकता। - फोटो : सांकेतिक

विस्तार

बीएचयू के एक अध्ययन में पता चला है कि जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद बनारस की दो-तिहाई आबादी ने लग्जरी और इंपोर्टेड सामान पर किए जाने वाले खर्च में कमी कर दी है। 72 फीसदी ने लोकल उत्पादों को ज्यादा प्राथमिकता दी है। 57.4 फीसदी लोगों ने विलासिता वाले उत्पादों पर टैक्स के बढ़े हुए दर का समर्थन किया। 

विज्ञापन


85 फीसदी ने उन व्यवसायों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जिनसे उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। 85.8 फीसदी लोगों ने माना है कि यदि जीएसटी 2.0 को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू किए जाने पर यह उपभोक्ताओं को बड़े फायदे दे सकती है। 
विज्ञापन


बीएचयू के वाणिज्य संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लाल बाबू जायसवाल की टीम ने उपभोक्ता मूल्य संवेदनशीलता नाम से ये अध्ययन किया है। टीम की सदस्य के तौर पर महिमा, मुस्कान और अनीशा ने बनारस के बाजारों में 206 जीएसटी करदाताओं से मिलकर फील्ड सर्वे किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ी है ऑनलाइन खरीदारी

इसमें 48 फीसदी करदाताओं की उम्र 21-30 वर्ष के बीच रही। इसमें 60.8 फीसदी महिला और 39.2 फीसदी पुरुष हैं। 41.2 प्रतिशत स्नातक और 27 प्रतिशत स्नातकोत्तर थे। इससे पता चलता है कि ज्यादातर लोग अच्छी तरह से शिक्षित थे। इनमें से 30.4 फीसदी परिवारों ने प्रति माह एक लाख रुपये से ज्यादा कमाया। 79.4 फीसदी लोगों को ही जीएसटी 2.0 सुधारों के बारे में जानकारी थी। इस दौरान 60.8 फीसदी लोगों स्वीकार किया कि ऑनलाइन खरीदारी बढ़ी है। 

कटौती के बावजूद दुकानदार नहीं कम करते कीमतें
86.8 फीसदी लोगों ने बताया कि चालानों पर जीएसटी विवरण स्पष्ट रूप से नहीं दिखते हैं। 84.3 फीसदी को अपने बिलों को समझने में कठिनाई हुई। 61 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा कि जीएसटी-2.0 के बावजूद खुदरा विक्रेताओं की ओर से ज्यादा शुल्क वसूलना जारी है। कुछ करदाताओं ने यह भी बताया कि जीएसटी दरों में कटौती होने के बावजूद भी खुदरा विक्रेता कीमतें कम नहीं करते। 

मूल्य निर्धारण पारदर्शिता पर अविश्वास
डॉ. लाल बाबू जायसवाल ने कहा कि वाराणसी के उपभोक्ता जीएसटी-2.0 के बारे में जागरूक हैं। वे इसके संभावित लाभों को समझते हैं, लेकिन कार्यान्वयन, मूल्य निर्धारण पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उनमें अविश्वास बना हुआ है। सस्ते और घरेलू सामानों के प्रति व्यवहार में बदलाव, विशेष रूप से युवा और मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं में उच्च मूल्य संवेदनशीलता का संकेत देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed