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वाराणसी जिला जेल का माहौल एक बार फिर अशांत, वर्चस्व की लड़ाई में बंदियों के दो गुट भिड़े

Sat, 28 Jul 2018 10:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 28 Jul 2018 10:39 PM IST
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group clash in varanasi district jail
वाराणसी जिला जेल - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी जिला जेल का माहौल शनिवार की रात एक बार फिर अशांत हो गया। जेल की बैरक नंबर पांच में निरुद्ध बंदी वर्चस्व की लड़ाई में आपस में ही भिड़ गए। स्थिति को अनियंत्रित होते देख बंदीरक्षकों ने पगली घंटी बजाई तो जेलर सहित अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे। बंदियों के दोनों गुटों को अलग-अलग बैरक में शिफ्ट किया गया है। इस बीच जेलर की सूचना पर कैंट सहित तीन थानों की फोर्स और पीएसी जेल पहुंच गई थी।
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जिला जेल की बैरक नंबर पांच में निरुद्ध बंदी विवेकानंद यादव और चंदन ने रात आठ बजे के लगभग राहुल सिंह की पिटाई शुरू कर दी। इससे पहले दिन में भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। पगली घंटी बजने पर पहुंचे जेलर ने तीनों बंदियों को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट किया।
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इसके बाद बैरकों की तलाशी कराई गई। जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि आपस में ही तीन बंदी भिड़ गए थे। तीनों को समझाबुझाकर अलग-अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। दोबारा इस तरह की शिकायत सामने आएगी तो तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उनको गैर जनपद की जेल में शिफ्ट करने के लिए संस्तुति की जाएगी।
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वाराणसी सेंट्रल जेल पहुंचे पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह

group clash in varanasi district jail
सुलखान सिंह - फोटो : file photo
प्रदेश की जेल सुधार समिति के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह सहित तीन सदस्यीय टीम शनिवार को सेंट्रल जेल का निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह के साथ ही अन्य कैदियों की सुरक्षा की व्यवस्था की समिति के सदस्यों ने जानकारी ली। इसके साथ ही जेल के भीतर मोबाइल, असलहा और नशीले पदार्थ  न जाने देने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के संबंध में कारागार प्रशासन के कर्मियों से उपाय पूछे।

बागपत जिला जेल में बदमाश मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद कारागारों में सुरक्षा और सुधार के लिए पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। यह समिति प्रदेश की जेलों का निरीक्षण कर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के संबंध में उनकी राय ले रही है।

इसके साथ ही बंदियों की निगरानी और उनकी समस्याओं की जानकारी भी जेल सुधार समिति के सदस्य जुटा रहे हैं। शनिवार को समिति के सदस्यों ने सेंट्रल जेल की बैरकों, भोजनालय, अस्पताल, शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था देखने के साथ बंदीरक्षकों को मिले असलहे देखे।

इस दौरान सीसीटीवी कैमरों के उपयोग और जैमरों को अपग्रेड करने से होने वाले फायदे पर भी चर्चा की गई। साथ ही, मुख्य द्वार पर तैनात पहरा को और मजबूत बनाने, मुलाकातियों की तलाशी व्यवस्था दुरुस्त करने और रजिस्टर में नाम-पता दर्ज करने के दौरान सरकार से जारी आईडी प्रूफ ही दिखाने जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
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