किराना व्यापारी हत्याकांड: प्रेमी संग मिल कर बेटी ने ही कराया पिता का कत्ल, सनसनीखेज खुलासा
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यही सामने आया था कि किसी करीबी ने ही वारदात को अंजाम दिया है। पहले बाकायदा राजेश की रेकी की गई और फिर सुनसान स्थल देख बदमाशों ने गोली मारी।
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वाराणसी के रोहनिया स्थित करनाडाडी हाईवे के ओवरब्रिज पर बीते बृहस्पतिवार की रात हुए किराना व्यवसायी हत्याकांड का सोमवार को पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया। इस वारदात को किराना व्यवसायी की बेटी के प्रेमी ने अंजाम दिया था। बेटी के प्रेमी ने अपने दोस्त के साथ बृहस्पतिवार को गोली मारी थी।
क्राइम ब्रांच व थाना रोहनिया पुलिस टीम ने किराना व्यवसायी राजेश जायसवाल की हत्या में आरोपी बेटी, उसके प्रेमी और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। उनके पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, बाइक और मोबाइल बरामद हुआ है। बता दें कि बीते बृहस्पतिवार को मिर्जामुराद थाने के तमाचाबाद निवासी किराना व्यवसायी राजेश जायसवाल (46) की हत्या गोली मारकर की गई थी। घटना के वक्त वो अस्पताल में भर्ती अपनी सास के लिए खाना लेकर जा रहा था।
एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने कहा कि हत्याकांड के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच वाराणसी ग्रामीण और थाना रोहनिया की संयुक्त टीम को लगाया गया था। शुरुआती जांच में पता चला कि मृतक किराना व्यवसायी की पुत्री का प्रेम संबंध गांव के ही एक लड़के से है। एक साल पहले मृतक की पुत्री ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन दिया था। तब आवेदन फॉर्म में पिता की जगह अपने प्रेमी जावेद अहमद का नंबर लिखा था। पुलिस जांच के दौरान राजेश जायसवाल से पूछताछ की गई तो उसने उक्त नंबर के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर की।
उसी वक्त पुत्री के प्रेम संबंध का खुलासा हुआ जिसके बाद राजेश जायसवाल ने दोनों को बहुत डांटा। इसके बाद भी दोनों एक दूसरे से शादी के लिए परिवार पर दबाव बनाते रहे। राजेश जायसवाल के नहीं मानने पर पुत्री और उसके प्रेमी ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
फिर उसी रास्ते वो घर लौटा और पूरी जानकारी मृतक की पुत्री को दी। पुलिस की पूछताछ में जावेद ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल छह माह पहले बिहार के विक्रमगंज से खरीद कर लाया था। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि इस घटना के खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी चतुर्वेदी और रोहनिया थाना प्रभारी हरिनाथ भारती व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तारी वाली टीम में सब इंस्पेक्टर रजनीश त्रिपाठी, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामाशंकर यादव, अविनाश शर्मा शामिल रहे।
हत्या में करीबी पर ही घूम रही थी शक की सुई, बड़े भाई सहित तीन पर हुआ था मुकदमा
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यही सामने आया था कि किसी करीबी ने ही वारदात को अंजाम दिया है। पहले बाकायदा राजेश की रेकी की गई और फिर सुनसान स्थल देख बदमाशों ने गोली मारी। 29 जुलाई की रात हत्याकांड के बाद मृतक के बड़े भाई और भतीजों समेत तीन के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था।
बताया गया था कि जमीन विवाद को लेकर हत्या की गई थी। हालांकि पुलिस की जांच में मामला बिल्कुल अलग निकला। हत्याकांड के खुलासे के बाद गांव में चर्चाओं का दौर तेज है। पुलिस ने सबी आरोपियों को जेल भेज दिया है।