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किसानों के लिए अच्छी खबर: वाराणसी के जयापुर में बनेगा पहला सीड प्रोसेसिंग यूनिट, केंद्र से मंजूरी मिलने का इंतजार

Sat, 06 Nov 2021 11:54 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 06 Nov 2021 11:54 AM IST
सार

केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से प्रदेश भर में एक दर्जन से अधिक सीड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए एफपीओ के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। इसमें वाराणसी का भी एक एफपीओ शामिल है।

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Good news for farmers First seed processing unit of varanasi built in Jayapur waiting for approval from center
बीज - फोटो : social media

विस्तार

विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहे वाराणसी जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में उन्हें अच्छी गुणवत्ता के बीज वाराणसी में ही मिल सकेंगे। इसके लिए आराजीलाइन ब्लॉक के जयापुर गांव में जिले के पहले सीड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए जया सीड्स प्रोड्यूसर संगठन (एफपीओ) को सीड्स यूनिट की स्थापना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से चुना गया है।

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एक करोड़ रुपये से अधिक लागत में तैयार यूनिट में साल भार में दो हजार टन तक बीज तैयार किया जा सकेगा। लागत खर्च में 60 लाख रुपये का अनुदान भी केंद्र सरकार से तीन किस्तों में मिलेगा। 
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एफपीओ के निदेशक शार्दूल विक्रम ने बताया कि चंदौली के बाद अब बनारस में भी किसानों की सुविधा के लिए सीड प्रोसेसिंग यूनिट होगी।

केंद्र सरकार की ओर से यूनिट के लिए हमारे एफपीओ का चयन किया गया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद अगले पांच माह में यूनिट के निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। एक हजार वर्ग मीटर में बनने वाले यूनिट में धान, गेहूं, सरसों, मटर सहित सभी प्रकार की दलहन और तिलहन के बीज तैयार किए जा सकेंगे। 

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तीन श्रेणी में तैयार होंगे बीज

सरकारी बीज अनुसंधान से ब्रीडर्स से मिले बीज को यूनिट में एक साल की प्रोसेसिंग में तीन श्रेणी में बीज को तैयार किया जाएगा। जिसमें एक क्विंटल में ए श्रेणी का बीज 60 किलो होगा। जबकि बी श्रेणी का अनाज खाने और सी श्रेणी का बीज पशु चारा के रूप में इस्तेमाल होगा। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद पहले चरण में 1000 वर्ग मीटर में यूनिट की आधारशिला रखी जाएगी।

इसमें एक करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इसमें शासन की ओर से 60 लाख रुपये का अनुदान भी तीन किस्तों में मिलेगा। बजट समय पर अवमुक्त हुए तो निर्माण कार्य पांच माह पूरा होने की उम्मीद है। बीज की मांग को देखते फाउंडेशन (खेत का क्षेत्रफल जिसमें तैयार बीज होगा) का दायरा बढ़ाया जाएगा। 

उप निदेशक कृषि  अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि  ववाराणशी जिले में उन्नत और अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीड्स यूनिट की स्थापना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से प्रदेश भर में एक दर्जन से अधिक सीड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए एफपीओ के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। इसमें वाराणसी जनपद का भी एक एफपीओ शामिल है।
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