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हज और उमरा करने के बताए तरीके
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 11 May 2015 02:11 AM IST
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वाराणसी। पूर्वांचल हज सेवा समिति की ओर से रविवार को दालमंडी स्थित मुस्लिम मुसाफिरखाना में आयोजित शिविर में जाइरीन को हज के अरकानों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि हज के दौरान क्या ले जाना मुनासिब होगा और क्या नहीं। साथ ही सावधानी बरतने वाली बातें भी उनसे साझा की गईं। शिविर में दो सौ से अधिक हज जाइरीन शामिल हुए।
प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि मौलाना जकीउल्लाह ने कहा कि हज यात्रियों को छोटे-छोटे अरकानों की मुकम्मल जानकारी रखनी जरूरी होती है। उन्होंने हज और उमरा करने की नीयत और उसके तरीके और अरकानों के बारे में बताया। मौलाना रेयाज अहमद कादरी ने बताया कि हज के दौरान तलबिया पढ़ना जरूरी होता है। तलबिया लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक हज के दौरान पढ़ी जाने वाली एक
अहम दुआ है। मास्टर ट्रेनर डॉ. अकबर अली ने ऑडियो विजुअल के माध्यम से हज से जुड़ी जानकारियां दीं। संचालन डॉ. अमीन और धन्यवाद ज्ञापन मोहम्मद जुबैर ने किया। इस दौरान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय और ट्रेनर अदनान खां भी मौजूद थे।
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प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि मौलाना जकीउल्लाह ने कहा कि हज यात्रियों को छोटे-छोटे अरकानों की मुकम्मल जानकारी रखनी जरूरी होती है। उन्होंने हज और उमरा करने की नीयत और उसके तरीके और अरकानों के बारे में बताया। मौलाना रेयाज अहमद कादरी ने बताया कि हज के दौरान तलबिया पढ़ना जरूरी होता है। तलबिया लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक हज के दौरान पढ़ी जाने वाली एक
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अहम दुआ है। मास्टर ट्रेनर डॉ. अकबर अली ने ऑडियो विजुअल के माध्यम से हज से जुड़ी जानकारियां दीं। संचालन डॉ. अमीन और धन्यवाद ज्ञापन मोहम्मद जुबैर ने किया। इस दौरान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय और ट्रेनर अदनान खां भी मौजूद थे।
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