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गंगा पार रेती पर सजेगा कच्छ के रण जैसा उत्सव
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वाराणसी। सात वार नौ त्योहार वाली काशी में देव दीपावली के भव्य आयोजन के बाद एक और बड़े उत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कदम आगे बढ़ाया है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रिझाने के लिए पहली बार गंगा पार रेती में आयोजन का खाका खींचा जा रहा है। यहां कच्छ के रण उत्सव की तर्ज पर फरवरी में दो महीने के लिए टेंट सिटी बसाई जाएगी।
कोरोना काल में देव दीपावली के भव्य आयोजन के बाद अब प्रदेश सरकार काशी आने वाले पर्यटकों को नया अनुभव देने की तैयारी में है। फरवरी में 60 दिनों के लिए गंगा पार रेती पर टेंट सिटी बसाई जाएगी और पर्यटकों को अलग-अलग पैकेज देकर आमंत्रित किया जाएगा। काशी की धर्म, कला और संस्कृति से जुड़े आयोजन भी इस टेंट सिटी में होंगे।
दरअसल, कछुआ सैंक्चुअरी के कारण गंगा पार रेती में किसी तरह के आयोजन पर एनजीटी की रोक थी। सैंक्चुअरी शिफ्ट होने के बाद यह बाध्यता समाप्त हो गई है और गंगा पार फैली रेती को पर्यटन का नया केंद्र बनाने की तैयारी है। यहां बता दें कि गुजरात के जिला कच्छ के भुज में रण उत्सव के लिए टेंट सिटी बसाई जाती है। इसी तरह झारखंड के नेतरहॉट, महाराष्ट्र के सारंग खेड़ा के अलावा स्टैच्यू आफ यूनिटी के समीप टेंट सिटी बसाई जाती है। इन स्थानों पर टेंट सिटी देखने के लिए बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं। इसी को देखते हुए अर्ध चंद्राकार घाटों के सामने गंगा पार रेती पर टेंट सिटी बसाकर बनारस के पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी में होने वाले इस आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन से कार्ययोजना मांगी है।
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टेंट सिटी का हुआ था सफल प्रयोग
2019 में आयोजित होने प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान मेहमानों के लिए ऐढ़े में टेंट सिटी बसाई गई थी। काशी की लोक, कला और संस्कृति को समेटे टेंट सिटी को दुनियाभर से आए मेहमानों से खूब पसंद किया था। कोरोना काल में काशी में पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। माना जा रहा है कि टेंट सिटी बसाने जैसी योजनाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।
-------कोट----------
गंगा पार रेती में टेंट सिटी के माध्यम से उत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। इस आयोजन के लिए जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
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कोरोना काल में देव दीपावली के भव्य आयोजन के बाद अब प्रदेश सरकार काशी आने वाले पर्यटकों को नया अनुभव देने की तैयारी में है। फरवरी में 60 दिनों के लिए गंगा पार रेती पर टेंट सिटी बसाई जाएगी और पर्यटकों को अलग-अलग पैकेज देकर आमंत्रित किया जाएगा। काशी की धर्म, कला और संस्कृति से जुड़े आयोजन भी इस टेंट सिटी में होंगे।
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दरअसल, कछुआ सैंक्चुअरी के कारण गंगा पार रेती में किसी तरह के आयोजन पर एनजीटी की रोक थी। सैंक्चुअरी शिफ्ट होने के बाद यह बाध्यता समाप्त हो गई है और गंगा पार फैली रेती को पर्यटन का नया केंद्र बनाने की तैयारी है। यहां बता दें कि गुजरात के जिला कच्छ के भुज में रण उत्सव के लिए टेंट सिटी बसाई जाती है। इसी तरह झारखंड के नेतरहॉट, महाराष्ट्र के सारंग खेड़ा के अलावा स्टैच्यू आफ यूनिटी के समीप टेंट सिटी बसाई जाती है। इन स्थानों पर टेंट सिटी देखने के लिए बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं। इसी को देखते हुए अर्ध चंद्राकार घाटों के सामने गंगा पार रेती पर टेंट सिटी बसाकर बनारस के पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी में होने वाले इस आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन से कार्ययोजना मांगी है।
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टेंट सिटी का हुआ था सफल प्रयोग
2019 में आयोजित होने प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान मेहमानों के लिए ऐढ़े में टेंट सिटी बसाई गई थी। काशी की लोक, कला और संस्कृति को समेटे टेंट सिटी को दुनियाभर से आए मेहमानों से खूब पसंद किया था। कोरोना काल में काशी में पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। माना जा रहा है कि टेंट सिटी बसाने जैसी योजनाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।
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गंगा पार रेती में टेंट सिटी के माध्यम से उत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। इस आयोजन के लिए जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी