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घटने लगी गंगा, बढ़ने लगा संक्रमण का खतरा
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अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। गंगा में घटाव शुरू होने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा है। लोगों का मानना है कि नदियां वापस जाती हैं तो तमाम तरह की बीमारियां दे जाती है। ऐसे में प्रशासन को पहले से ही इंतजाम कर देना चाहिए। स्वास्थ्य महकमा समय पर दवाओं का छिड़काव नहीं कराता है तो बीमारियां पांव पसारने लगेंगी।
गंगा का जलस्तर बुधवार की रात से ही कम होने लगा है। गुरुवार की शाम तक गंगा के जलस्तर में घटाव तीन सेमी प्रति घंटा हो गया था। इससे गंगा का जलस्तर आधा मीटर नीचे आ गया। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर घटकर 69.54 मीटर पर पहुंच गया। इससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब उनको संक्रमण का खतरा सताने लगा है। तटवर्ती इलाकों में कानिया, बिजईपुरा, दनियालपुर, सलारपुर सहित कई इलाकों में जब वरुणा का पानी कम हो रहा है तो दुर्गंध से उनका जीना दुश्वार हो गया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही और न ही दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
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वाराणसी। गंगा में घटाव शुरू होने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा है। लोगों का मानना है कि नदियां वापस जाती हैं तो तमाम तरह की बीमारियां दे जाती है। ऐसे में प्रशासन को पहले से ही इंतजाम कर देना चाहिए। स्वास्थ्य महकमा समय पर दवाओं का छिड़काव नहीं कराता है तो बीमारियां पांव पसारने लगेंगी।
गंगा का जलस्तर बुधवार की रात से ही कम होने लगा है। गुरुवार की शाम तक गंगा के जलस्तर में घटाव तीन सेमी प्रति घंटा हो गया था। इससे गंगा का जलस्तर आधा मीटर नीचे आ गया। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर घटकर 69.54 मीटर पर पहुंच गया। इससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब उनको संक्रमण का खतरा सताने लगा है। तटवर्ती इलाकों में कानिया, बिजईपुरा, दनियालपुर, सलारपुर सहित कई इलाकों में जब वरुणा का पानी कम हो रहा है तो दुर्गंध से उनका जीना दुश्वार हो गया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही और न ही दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
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