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वाराणसी: गंगा में नाविकों को मिली दुर्लभ प्रजाति की मछली, निर्मलीकरण में बन सकती है चुनौती

Sat, 26 Sep 2020 12:48 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 26 Sep 2020 12:48 AM IST
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Rare sailor fish found in Ganges in Varanasi may challenge in purification
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वाराणसी में गंगा में नाविकों को दुर्लभ प्रजाति की मछली मिली है। बीएचयू के मछली विज्ञानी के मुताबिक इस मछली को प्लैको बोलते हैं। गंगा में प्लैको मछलियों का मिलना चिंताजनक है। जहां यह मछलियां नदियों में छोटे जीवों को खा जा रही हैं वहीं गंगा निर्मलीकरण की दिशा में भी चुनौती बन सकती हैं। 

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हालांकि भारत सरकार के मत्स्य विभाग की शोध टीम ने अभी तक गंगा में किसी नई मछली की प्रजाति को चिन्हित नहीं किया है। बृहस्पतिवार को बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग में मत्स्य विज्ञानी प्रोफेसर बेचन लाल ने बताया कि गंगा प्रहरी दर्शन निषाद गंगा में मिली मछली को लेकर आए थे। उसने इसके बारे में जानकारी चाही।

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प्रो. लाल के मुताबिक इस मछली को प्लैको बोलते हैं और इस तरह की मछलियां न केवल बनारस बल्कि देश के विभिन्न जगहों पर गंगा व उसकी सहायक नदियों में पाई जा रही हैं। गंगा प्रहरी दर्शन निषाद ने प्रो. लाल को बताया कि इस तरह की मछलियां पिछले कई दिनों से गंगा में मिल रही हैं।

इसी वजह से जांच के लिए लेकर आए हैं। प्रो. बेचन लाल ने बातचीत में बताया कि प्लैको मछलियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद इस बारे लखनऊ स्थित नेशनल ब्यूरो आफ फिश जेनेटिक रिसोर्स एनबीजीआरएफ के निदेशक डॉ. केके लाल से बातचीत भी की गई। 

बताया कि इस तरह की मछलियां केवल बनारस ही नहीं बल्कि धीरे-धीरे सभी जगहों पर गंगा और उसकी सहायक नदियों में पहुंच गई हैं। प्रो. बेचन लाल ने बताया कि आमतौर पर इन मछलियों को लोग एक्वेरियम में रखते हैं। छोटी होने पर तो यह अच्छी लगती हैं लेकिन बड़ी होने पर इसे गंगा में छोड़ दिया जाता है।

इनका स्वाद भी खाने में ठीक ना होने की वजह से इसे खाया भी नहीं जाता है। गंगा में यह मछलियां कहीं भी कम ऑक्सीजन वाले जगहों में भी रह जाती हैं। ये मांसाहारी मछलियां हैं, इस वजह से जलीय जीवों को खतरा भी है। उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित एनबीजीआरएफ के टीम को इसकी जानकारी दी जा चुकी है।

नदी विज्ञानी प्रो. बीडी त्रिपाठी ने बताया कि गंगा में इस तरह की मछलियों का मिलना चिंताजनक है। हालांकि गंगा में मछलियों और जीवों पर शोध करने वाले मत्स्य विभाग ने अभी तक किसी भी नई प्रजाति के बारे में लिस्टिंग नहीं की है। पिछले कुछ दिनों से मछलियों का मिलना अजीब घटना है।

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गंगा प्रहरी को ही मिल रहीं अजीब मछलियां, जांच का विषय

गंगा में शोध करने वाली संस्था मत्स्य विभाग की ओर से अब तक मछली की किसी भी नई प्रजाति की लिस्टिंग नहीं की गई है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा प्रहरी द्वारा नई-नई प्रजातियों का मिलना गंभीर और जांच का विषय है। इस मामले की गंभीरता से जांच करानी चाहिए।

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