UP: पॉलिसी में निवेश का झांसा देकर 7.51 लाख की ठगी, पीड़ित ने दर्ज कराया FIR; हज यात्रा के नाम पर 17 लाख ठगे
Varanasi News: वाराणसी में साइबर जालसाजों ने बीमा पॉलिसी और मनी बैक के नाम पर दो लोगों से करीब 13 लाख रुपये की ठगी कर ली। वहीं, हज यात्रा कराने के नाम पर 17 लाख रुपये हड़पने के मामले में कोर्ट ने सिगरा थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस और साइबर सेल मामलों की जांच में जुटी है।
विस्तार
Varanasi Crime: रिलायंस निपो लाइफ इंश्योरेंस में प्रीमियम जमा कराने और 40 लाख रुपये मनी बैक का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने 7.51 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।
चेतगंज थाना क्षेत्र के औरंगाबाद लहंगपुरा निवासी इरशाद अहमद अंसारी ने पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल 2026 को मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने रिलायंस निपो लाइफ इंश्योरेंस के बारे में बताया और कहा कि आपका प्रीमियम जमा करना है। मनी बैक 40 लाख रुपये मिल जाएंगे। जीएसटी और अन्य शुल्क के नाम पर छह बार में 7 लाख 51 हजार 102 रुपये ले लिए। बाद में मोबाइल बंद कर लिया। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि जांच जारी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
चार लाख के फायदे में गंवाए 5.34 लाख : बीमा पॉलिसी में 16,800 रुपये का प्रीमियम जमा करने पर 4 लाख का फायदे का झांसा देकर 5.34 लाख की साइबर ठगी की गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा सरायसुर्जन निवासी पीड़ित मो. शाहिद ने पुलिस को बताया कि केनरा एचएसबीसी दो पॉलिसी ली है। 15 अप्रैल को शिवम नाम के युवक का फोन आया और कहा कि आपकी पॉलिसी चल रही है। आप 16,800 रुपये जमा करते है तो 4 लाख रुपये मिलेंगे। 9 मई 2026 तक तीन विभिन्न मोबाइल नंबरों से बार-बार फोन किया गया।
शिवम, राजेंद्र गुप्ता और प्रिया शर्मा के झांसे में आकर 10 बार में विभिन्न बैंक खातों में 5 लाख 34 हजार 240 रुपये भेजे। आरोपियों ने फोन किया और कहा कि 1,65,000 रुपये और भेजो तो 16 लाख रुपये मिलेंगे। आभास हुआ कि जालसाजों के जाल में फंस चुका हूं। एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने बताया कि इस प्रकरण में आरोपियों के फोन नंबर और बैंक खातों को ट्रेस कराया जा रहा है।
हज यात्रा कराने के नाम पर 17 लाख रुपये ठगे
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में टूर एंड ट्रैवल्स पर हज यात्रा कराने के नाम पर 17 लाख की ठगी के मामले में कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। लोहता निवासी अब्दुल रशीद और अब्दुल अंसारी ने आरोप लगाया कि फर्म के विज्ञापन से प्रभावित होकर उन्होंने मक्का-मदीना हज यात्रा के लिए खातों में भुगतान किया था।
कंपनी के डायरेक्टर ने 15 मई 2026 तक टिकट, वीजा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर फर्म के लोगों ने दुर्व्यवहार, गालीगलौज और धमकी दी। पीड़ितों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने सिगरा थाना को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।