बीएसए बनकर 50 लाख की ठगी: साइबर ठग गिरफ्तार, यूपी के कई जिलों में मामले हैं दर्ज; अंक बढ़ाने के नाम पर खेल
बीएसए बनकर करीब 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले साइबर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी नियुक्ति, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और अंक बढ़ाने के नाम पर लोगों को निशाना बनाता था। उसके खिलाफ जिले में तीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आजमगढ़, अमरोहा और प्रयागराज में भी ठगी के एक-एक मामले दर्ज हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ज्ञानपुर जिले की पुलिस ने सोमवार को साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई किया। भदोही का बीएसए अधिकारी बनकर अभ्यर्थियों से नियुक्ति, फर्जी ज्वाइनिंग और अंक बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले शातिर अंर्तजनपदीय ठग राम सिंह यादव निवासी बंदीपट्टी सरायममरेज प्रयागराज को दुर्गागंज तिराहे से गिरफ्तार किया। उसके पास से कई जरूरी कागजात बरामद हुए। पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया।
पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने सोमवार को घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दुर्गागंज, ऊंज और ज्ञानपुर में एक-एक ठगी के मामले सामने आए। जिसमें साइबर ठग ने बैंक मित्र/ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों को अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी एवं जालसाजी की।
दुर्गागंज में बारकोड के माध्यम से दो बार में 40 हजार, ऊंज में सर्वर फेल होने के नाम पर पांच हजार और बाद में 20 हजार अपने बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। ज्ञानपुर में स्वयं को शिक्षा विभाग का बीएसए मनोज कुमार सिंह बताकर फर्जी आधार कार्ड दिखाते हुए गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर दुकान के स्कैनर से 36 हजार 800 रूपये नकद लिया। तीनों मामले में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसपी के निर्देश पर गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित दुर्गागंज तिराहे पर खड़ा है। ज्ञानपुर के प्रभारी निरीक्षक मय टीम दुर्गागंज तिराहे पर पहुंचे। पुलिस को देख आरोपी भागने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। नाम-पता पूछने पर उसने अपना नाम राम सिंह यादव बंदीपट्टी प्रयागराज बताया।
इस तरह लोगों को बनाता था शिकार
आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम के माध्यम से प्रयागराज में एक ग्रुप से पीडीएफ फाइल के रूप में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त करता है। जिसमें उनके नाम-पते, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, रोल नंबर, परीक्षा के मार्क्स आदि महत्वपूर्ण जानकारी रहती है। इसके बाद वह अपने नाम का नया सिम कार्ड लेकर व्हाट्सएप आईडी व ई-मेल आईडी बनाता है। स्वयं को बीएसए ऑफिस का अधिकारी बताकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर लोगों से पैसे मांगता। आवेदक शैलेंद्र कुमार शुक्ला निवासी हरिहरपुर शुकुलपुर ने उसकी पहचान किया।
शुरूआती जांच में आरोपी के खिलाफ 40 से अधिक शिकायतें
एएसपी ने बताया कि शुरूआती जांच में साइबर ठगी से संबंधित 40 से अधिक शिकायतें प्रकाश में आई हैं, जिनमें लगभग 40 से 50 लाख की साइबर ठगी किया जाना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ तीन मामले भदोही, एक अमरोहा, एक प्रयागराज और एक आजमगढ़ में दर्ज हैं। उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। जिस पर भारत सरकार के साथ मनोज कुमार सिंह निवासी इटहरा प्रयागराज अंकित है।