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काशी आये चार अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने बताया अपना दर्द
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 26 Dec 2016 08:43 PM IST
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सनबीम लहरतारा में प्रेसवार्ता में बोलते खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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क्रिकेट या अन्य दूसरे खेलों की तरह पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों को सुविधाएं और संसाधन नहीं मिल रहे हैं। सरकार कोई ठोस पहल नहीं कर रही है, जिससे कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके। सनबीम लहरातारा में चल रहे सीबीएसई नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में आए देश के चार अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी और अर्जुन अवार्डियों ने दर्द बयां किया।
प्रेसवार्ता में अर्जुन अवार्डी पारुल डी परमार ने कहा कि खिलाड़ियों को जिस स्तर की सुविधाएं मिलनी चाहिए, वो नहीं मिल पा रही हैं। विदेशों से गोल्ड जीतने के बाद भी एयरपोर्ट पर कोई नहीं पहुंचता। दिव्यांग बच्चों को बेहतर सुविधाएं देकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाने की जरूरत है।
अर्जुन अवार्डी रोहित बाकर बोल नहीं पाते हैं लेकिन उनका हौसला बुलंद हैं। पैरा बैडमिंटन के कोच गौरव खन्ना के माध्यम से संकेतों में उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता मिलती है।
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खिलाड़ी को ईमानदारी से प्रयास करने की जरूरत है और सरकार को प्रोत्साहित करने की। मार्क धर्मई ने वर्तमान हालात पर कहा कि खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता की जरूरत होती है जो नहीं मिल रही।
इसके अलावा कुछ भी सुविधा कुछ नहीं मिल पा रही है। खेलने के लिए स्पांसर ढूंढना पड़ता है।
मनोज सरकार ने कहा कि बिना सुविधा और संसाधन के आगे खेलना और देश के लिए कुछ करना चुनौती है। कोच गौरव खन्ना ने कहा कि सरकार की ओर से सुविधाएं हैं लेकिन पर्याप्त नहीं है।
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प्रेसवार्ता में अर्जुन अवार्डी पारुल डी परमार ने कहा कि खिलाड़ियों को जिस स्तर की सुविधाएं मिलनी चाहिए, वो नहीं मिल पा रही हैं। विदेशों से गोल्ड जीतने के बाद भी एयरपोर्ट पर कोई नहीं पहुंचता। दिव्यांग बच्चों को बेहतर सुविधाएं देकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाने की जरूरत है।
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अर्जुन अवार्डी रोहित बाकर बोल नहीं पाते हैं लेकिन उनका हौसला बुलंद हैं। पैरा बैडमिंटन के कोच गौरव खन्ना के माध्यम से संकेतों में उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता मिलती है।
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खिलाड़ी को ईमानदारी से प्रयास करने की जरूरत है और सरकार को प्रोत्साहित करने की। मार्क धर्मई ने वर्तमान हालात पर कहा कि खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता की जरूरत होती है जो नहीं मिल रही।
इसके अलावा कुछ भी सुविधा कुछ नहीं मिल पा रही है। खेलने के लिए स्पांसर ढूंढना पड़ता है।
मनोज सरकार ने कहा कि बिना सुविधा और संसाधन के आगे खेलना और देश के लिए कुछ करना चुनौती है। कोच गौरव खन्ना ने कहा कि सरकार की ओर से सुविधाएं हैं लेकिन पर्याप्त नहीं है।