वाराणसी में चार प्राइवेट अस्पताल बंद: न तो पंजीकरण और ना ही कोई योग्य चिकित्सक, दर्ज होगा मुकदमा
वाराणसी जिले में अब तक दर्जन भर ऐसे अस्पताल मिल चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे थे। गुरुवार को चार अस्पतालों पर कार्रवाई की गई।
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वाराणसी में बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ चल रहे अभियान में हर दिन चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण में चार अस्पतालों में गड़बड़ी मिली। इसमें बिना पंजीकरण के संचालन के साथ ही कई जगहों पर बिना योग्य चिकित्सक के ही मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
एक हॉस्पिटल में तीन नवजात समेत पांच बच्चे भी भर्ती थे लेकिन उनकी देखरेख करने वाला कोई चिकित्सक नहीं था। सभी चारों अस्पतालों को बंद कर अन्य कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। वाराणसी जिले में अब तक दर्जन भर ऐसे अस्पताल मिल चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे थे। अधिक से अधिक ऐसे अस्पतालों को चिन्हित किया जा सके, इसके लिए डीएम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम गठित की गई है।
हॉस्पिटल में भर्ती थे पांच बच्चे, देखने वाला कोई चिकित्सक नहीं
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि एक अस्पताल तो ऐसा भी मिला, जो पंजीकरण रद्द होने के बाद भी संचालित हो रहा था। बताया कि भुवनेश्वर नगर कॉलोनी स्थित मातेश्री चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में तीन नवजात सहित पांच बच्चे भर्ती मिले। जिनकी देखरेख के लिए मौके पर कोई भी चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था।
मौके पर मौजूद एक कर्मचारी को अस्पताल बंद करने और भर्ती मरीजों को दूसरे जगह भर्ती कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सहयोग हास्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, वेदांशी हास्पिटल न्यूरो एंड ट्रामा सेंटर का पंजीयन नवीनीकरण नही कराया गया है। दोनों अस्पतालों में मरीज भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
संबंधित थानों को भेजा गया पत्र
इन अस्पतालों के पास फायर सेफ्टी का एनओसी भी नहीं था। इसके साथ ही नोबल मेडिसिटी हॉस्पिटल का पंजीयन पूर्व में ही निरस्त किया जा चुका है लेकिन निरीक्षण के दौरान यह भी अस्पताल संचालित मिला। सीएमओ ने बताया कि पंजीकरण नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सभी अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थानों को पत्र भेजा जा चुका है।
चौबेपुर में बिना डिग्री चला रहा था अस्पताल, दर्ज होगा मुकदमा
चौबेपुर के रजवारी क्षेत्र में बिना डिग्री के क्लीनिक चलाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराई गइ। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लीनिक पर एक व्यक्ति मिला, जिसके पास कोई भी डिग्री नहीं था। उनके द्वारा अंग्रेजी दवाओं एव इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
मौके पर आरएस, डीएनएस की खाली बोतलें मिलीं, जिससे प्रतीत होता है कि वह मरीज भर्ती करके इलाज करते हैं। सीएमओ ने बताया कि चौबेपुर पुलिस को बिना डिग्री, पंजीकरण के क्लीनिक चलाने वाले सुभाष सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को बंद करवाने का निर्देश दिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठान को सील करा दिया गया है।
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