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यूपी में पहली बार कृषि वैज्ञानिक प्रो. पंजाब सिंह को मिला इफको अवार्ड, बोले-खाद की उपयोगिता को बढ़ाने की है जरूरत
Tue, 08 Dec 2020 06:41 PM IST
विचित्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: विचित्र सिंह
Updated Tue, 08 Dec 2020 06:41 PM IST
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पुरस्कार ग्रहण करते कृषि वैज्ञानिक प्रो. पंजाब सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
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बीएचयू के पूर्व कुलपति और जाने-माने कृषि वैज्ञानिक प्रो. पंजाब सिंह को वर्ष 2020 के इफको अवार्ड से नवाजा गया है। सात दिसंबर को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित समारोह में रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुखलाल मांडविया, फर्टिलाइजर एसोसिएशन आफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल सतीश चंद्र, चेयरमैन केएस राजू ने 25 लाख रुपये, स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
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फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रो.सिंह के कृषि क्षेत्र में योगदान को देखते हुए उन्हें यूएस अवस्थी इफको अवार्ड 2020 के लिए कुछ दिन पहले ही चयनित किया गया। कृषि विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे प्रो. पंजाब सिंह किसानों को उपजाऊ खेती के लिए भी लगातार प्रेरित करते आ रहे हैं। पिछले साल अमेरिका के ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के मृदा वैज्ञानिक डॉ. रतन लाल को यह अवार्ड दिया गया था।
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दिल्ली में सम्मान पाने के बाद वाराणसी पहुंचे प्रो. पंजाब सिंह ने बातचीत में बताया कि यूपी में पहली बार इस तरह का अवार्ड किसी को मिला है। इसका श्रेय किसानों और शुभचिंतकों को दिया है। कहा कि खाद की उपयोगिता को बढ़ाने की दिशा में काम करने की जरूरत है। इससे कही न कही खेती-किसानी पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
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बड़ी मात्रा में खाद नुकसान हो रहे है, ऐसे में इसको बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा। अगर फसलों की उत्पादकता को बढ़ाना है तो रासायनिक के साथ आर्गेनिक खाद का उपयोग बढ़ाना होगा, इससे जमीन की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी। प्रो. पंजाब सिंह ने कहा कि कृषि विकास के साथ ही खाद्य सुरक्षा की दिशा में बेहतर प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए सरकार भी अच्छा काम कर रही है।