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नगर निगम की करोड़ों की भूमि पर सपा के पूर्व सांसद ने जमाया कब्जा

Wed, 31 May 2017 03:41 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 31 May 2017 03:41 PM IST
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former mp occupy land of varanasi municipal corporation
करीब डेढ़ बीघा जमीन की मौजूदा कीमत 25 करोड़ के आसपास - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम एवं राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से चंदौली के पूर्व सांसद एवं सपा नेता जवाहर जायसवाल और उनके भाई हीरा जायसवाल ने नगर निगम की करीब डेढ़ बीघा भूमि पर क ब्जा जमा लिया है। इतना ही नहीं, जमीन की खतौनी में दोनों भाइयों का नाम भी दर्ज हो गया।
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एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन ने शनिवार को मौके का निरीक्षण करने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र को इस बारे में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में संबंधित भू-भाग को नगर निगम की संपत्ति बनाए रखना अति आवश्यक बताया गया है। वाराणसी में हाल के दिनों में यह बड़ा घोटाला है। 
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सेंट्रल जेल रोड स्थित सिकरौल निवासी अजय मौर्या ने पूर्व में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से शिकायत की थी कि वरुणा गार्डेन के सामने वरुणा नदी के किनारे आराजी नंबर 973/3 पर नगर निगम के सहयोग से कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
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जांच में पाया गया कि जमीन के कुछ भाग पर आसरा योजना के तहत भवन निर्माण चल रहा और एक हिस्से पर होमगार्ड कमांडेंट का कार्यालय बनना है। 0.302 हेक्टेयर (करीब डेढ़ बीघा) जमीन जवाहर जायसवाल और हीरा जायसवाल के कब्जे में है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ बताई गई है। इसी जमीन पर आसरा योजना के तहत कुछ भवन भी बने हैं। ये अब जवाहर के कब्जे में हैं। 

जांच रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में इस जमीन से दोनों भाइयों का कब्जा हटवाया गया था लेकिन दोबारा कब्जा हो गया। नगर निगम की जमीन पर किन-किन सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा हो गया, यह जांच का विषय है। एसीएम चतुर्थ ने अपनी रिपोर्ट की सूचना कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और मुख्य राजस्व अधिकारी को भी दी है।

एसीएम का कहना है कि एक साल पूर्व संबंधित जमीन से कब्जा हटाकर जमीन आसरा योजना और होमगार्ड विभाग को दी गई थी। बाद में इस पर फिर कब्जा करने के अलावा बैनामा भी करा लिया गया।


बताया गया इस जमीन के बदले पूर्व सांसद ने अपनी दूसरी जमीन आसरा योजना के लिए दी है। खास बात यह कि जो जमीन वह योजना के लिए देने का दावा कर रहे हैं, उस पर पहले ही कुछ लोगों के मकान बने हुए हैं।
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