फुटबॉल: लगातार तीसरे साल भी यंग हीरोज के हिस्से रही जिला फुटबाॅल चैंपियनशिप, सभी 9 मैच जीते; पढ़ें अन्य खबरें
वाराणसी के विभिन्न स्थानों पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें अन्य जिलों के खिलाड़ी भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। जीते हुए प्रतिभागियों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के एंफीथियेटर फुटबॉल मैदान में मोहम्मद रजाउद्दीन मेमोरियल जिला फुटबॉल सुपर लीग का फाइनल मैच बुधवार को यंग हीरोज और यूपीएससी के बीच हुआ। एकतरफा मुकाबले में यंग हीरोज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यूपीएससी को 4-0 से मात देकर खिताब अपने नाम किया। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के तीन खिलाड़ियों ने एक एक गोल दागे।
मैच की शुरुआत से ही यंग हीरोज की टीम ने अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया। खेल के तीसरे ही मिनट में, टीम के तेज-तर्रार स्ट्राइकर संजोग यादव ने पहला गोल दागकर यंग हीरोज को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस शुरुआती बढ़त ने टीम का मनोबल और बढ़ा दिया, और वे लगातार यूपीएससी के डिफेंस पर दबाव बनाते रहे। पहले हाफ की समाप्ति तक, यंग हीरोज 1-0 से आगे थी।
दूसरे हाफ में भी यंग हीरोज का आक्रामक खेल जारी रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि खेल के 55वें मिनट में आशीष ने दूसरा गोल दागा। इसके बाद, 62वें मिनट में अबुजर ने और 68वें मिनट में इंद्रदेव कनौजिया ने गोल करके यंग हीरोज की जीत पक्की कर दी।
यंग हीरोज ने 4-0 की शानदार जीत के साथ मोहम्मद रजाउद्दीन मेमोरियल वाराणसी जिला फुटबॉल सुपर लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। समापन समारोह में, मुख्य रूप से अरविंद किशोर राय, उत्तर प्रदेश फुटबॉल संघ के संयुक्त सचिव भूपेंद्र सिंह, डॉ. आरके ओझा, सफर अहमद, जय राम, मुस्ताक अली, नेगी और विनोद कनौजिया आदि मौजूद रहे।
तीन खिलाड़ी राष्ट्रीय खेलने वाले
मोहम्मद रजाउद्दीन मेमोरियल जिला फुटबॉल सुपर लीग का खिताब यंग हीरोज टीम पिछले तीन साल से जीत रही है। इसकी वजह टीम संतोष ट्राफी सहित राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे। 11 सदस्यीय टीम में तीन खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के शामिल रहे।
टीम ने लीग के कुल छह मैच खेले जिसमें पांच मैचों में जीत दर्ज की जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द होने से दोनों टीमों को एक एक अंक दिए गए। तीन सुपर लीग मैचों में भी टीम ने एक भी हार का सामना नहीं किया। सुपर लीग में बरेका 2-0 से, कुमाऊं हीरोज की टीम को 3-0 और फाइनल में यूपीएससी को 4-0 से हरा कर कुल नौ अंकों के साथ चैंपियन हुई।
शास्त्री प्रथम और उच्चतर मध्यमा द्वितीय फाइनल में
केंद्रीय उच्च तिब्बत शिक्षण संस्थान सारनाथ में चल रही अंतर-कक्षा फुटबॉल प्रतियोगिता अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। बुधवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद शास्त्री प्रथम और उच्चतर मध्यमा द्वितीय की टीमों ने फाइनल में अपनी जगह बना ली है। दोनों ही मैचों में विजेता टीमों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 4-0 के बड़े अंतर से मात दी।
जिले के 50 खिलाड़ियों ने किया क्वालिफाई
मंडल स्तरीय विद्यालयीय कराटे प्रतियोगिता में जिले 50 खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्ग में जीत दर्ज कर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। बुधवार को गाजीपुर में हुई प्रतियोगिता में वाराणसी सहित चंदौली और मेजबान गाजीपुर के परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों के 80 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
बंगाली टोला इंटर कॉलेज के खेल प्रवक्ता विमल कुमार राव ने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल जिले 50 खिलाड़ियों में सब-जूनियर वर्ग में 30 किलो भार वर्ग में विशाल तिवारी, 35 किलो में अनंत मौर्य, 40 किलो में दिव्यांश कुमार, 45 किलो में ज्ञानेंद्र सिंह, 50 किलो में लक्ष्या भारद्वाज, 55 किलो में प्रिंस वर्मा और 60 किलो में कृष्ण कुमार ने जीत दर्ज की।
जूनियर वर्ग में 35 किलो में प्रियांशु भारद्वाज, 40 किलो में अलग यादव, 45 किलो में प्रियांशु विश्वकर्मा, 50 किलो में अजीत कनौजिया, 54 किलो में प्रिंस, 58 किलो में शिव गौतम और 42 किलो में अंश मिश्रा ने बाजी मारी।
वाराणसी ने जीती ओवरऑल ट्रॉफी
सेंट जोसेफ स्कूल, सेक्टर अल्फा-1 में आयोजित सीआईएससीई यूपी रीजनल एथलेटिक्स मीट की ओवरऑल ट्राफी पर वाराणसी ने कब्जा कर लिया है। वहीं गाजियाबाद की टीम दूसरे और मेरठ की टीम तीसरे स्थान पर रही।
प्रतियोगिता में कानपुर उत्तर, कानपुर दक्षिण, गोरखपुर और प्रयागराज समेत अन्य जिलों के खिलाड़ियों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। स्कूल की मीडिया प्रभारी हेमलता शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में वाराणसी की टीम ने 17 स्वर्ण समेत 42 पदक हासिल करने पर ओवरऑल विजेता घोषित किया गया। वहीं, 16 स्वर्ण समेत 40 पदक हासिल करने वाली गाजियाबाद को दूसरा व मेरठ की टीम को 16 स्वर्ण समेत 37 पदक जीतने पर तीसरा स्थान मिला।
जोड़ी, गदा, डंबल प्रतियोगिता कल
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को रेवा बाई गुजराती हिंदू धर्मशाला के सामने टाउनहॉल पश्चिमी गेट के पास रविदास उपदेश स्थली, बुलानाला में जोड़ी, गदा, डंबल प्रतियोगिता होगी। दंगल के संयोजक राजन यादव ने बताया कि यह प्रतियोगिता देश के अमर शहीदों की याद में रखी गई है। इसमें पहलवान विशेष रूप से तैयार की गई जोड़ी का प्रदर्शन करेंगे।
आयोजन समिति के सदस्य गोविंद ग्वाल (संचालक), लखन यादव (सहसंयोजक) और चंदन यादव (व्यवस्थापक) ने बताया कि प्रतियोगिता में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले पहलवानों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
काशी सांसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता 19 से
जिले में काशी सांसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता 19 अगस्त से शुरू होगी। इसका आयोजन ऑनलाइन और ऑफलाइन दो चरणों में होगा। इसमें सभी आयु वर्ग के काशी लोकसभा क्षेत्र के लोग हिस्सा ले सकते हैं। प्रतियोगिता में दो मुख्य श्रेणियां हैं। पहली श्रेणी काशी के पिछले 10 वर्षों में समग्र विकास पर केंद्रित है। इसमें प्रतिभागी शहर में हुए बदलावों और प्रगति को अपनी तस्वीरों के माध्यम से दिखा सकते हैं। दूसरी जनरल कैटेगरी में कई उपविषय शामिल हैं, जो प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का मौका देंगे। प्रत्येक श्रेणी और थीम के सर्वश्रेष्ठ तीन-तीन विजेता अगले राउंड में जाएंगे।
टेबल टेनिस में युवा सितारों का जलवा...पीयूष, आयुष शुभम, कोमल, अनन्या और अनुप्रिया बनीं चैंपियन
शहर के युवा खिलाड़ियों ने 69वीं जिला विद्यालयीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बाबू आरएन सिंह इंडोर स्टेडियम परमानंदपुर में बुधवार को आयोजित प्रतियोगिता में लगभग 20 विद्यालयों से 100 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
सब-जूनियर वर्ग में भारतीय शिक्षा मंदिर के पीयूष कुमार गुप्ता ने बालक वर्ग में और विकास इंटर कॉलेज की अनुप्रिया ने बालिकाओं में पहला स्थान प्राप्त किया। दोनों ने फाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी और शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। उनकी जीत ने उनके स्कूलों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों को भी गौरवान्वित किया।
जूनियर वर्ग में भारतीय शिक्षा मंदिर के आयुष कुमार गुप्ता ने बालकों की श्रेणी में विजेता बनकर उभरे। आयुष ने अपनी गति और सटीक शॉट्स से विरोधियों को मात दी। बालिका में निवेदिता शिक्षा सदन की अनन्या ने अपने शानदार प्रदर्शन से चैंपियन का खिताब जीता। प्रतियोगिता का उद्घाटन मंडलीय सचिव विनोद कुमार सिंह ने किया।
तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का करेंगी प्रतिनिधित्व
काशी की बेटी नैना यादव ने एक बार फिर अपने शहर का नाम रोशन किया है। नैना का चयन 18वीं एशियन वीमेन जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है, जो 20 से 29 अगस्त तक ताशकंद, उज्बेकिस्तान में खेली जाएगी।
इस उपलब्धि के साथ ही नैना यूथ और जूनियर दोनों स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली जिले की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। यह नैना की दूसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। इससे पहले उन्होंने चीन में 18 से 26 जुलाई तक हुई 11वीं एशियन यूथ वीमेन हैंडबॉल चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया था, जहां वह भारतीय टीम की उप-कप्तान थी। उस टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी मिला है।
नैना यादव का सफर प्रेरणादायक है। जिले के भवानीपुर, शिवपुर की रहने वाली नैना एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता रामजी यादव एक राजगीर मिस्त्री हैं और मां इंदु देवी एक गृहिणी हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद, नैना ने अपने खेल के प्रति जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। वह विकास इंटर कॉलेज की 11वीं कक्षा की छात्रा हैं।
नैना ने हैंडबॉल की बारीकियां बाबू आरएन सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, परमानंदपुर में अपने कोच डॉ. एके सिंह और डॉ. आशा सिंह से सीखी हैं। उनके मार्गदर्शन में ही नैना ने अपने खेल को निखारा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
भारतीय टीम में अपने चयन की खबर मिलने पर नैना ने गुजरात के गांधीनगर से फोन पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय ईश्वर, अपने माता-पिता और अपने कॉलेज को दिया। नैना ने कहा, मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि मैं अपनी टीम के साथ मिलकर इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करूं और देश को गौरव दिलाऊं।