बारिश का दोरंगा रूप: मानसून सीजन के तीन महीने खत्म होने के बाद भी प्यासे रह गए पूर्वांचल के छह जिले
बारिश ने पूर्वांचल में दोरंगा रूप दिखाया। कहीं डुबोया तो कहीं पानी के लिए तरसाया। मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी में बारिश का कोटा लगभग पूरा हो चुका है। वहीं पूर्वांचल के छह जिले मानसून सीजन के तीन महीने खत्म होने के बाद भी प्यासे रह गए।
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जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और चंदौली की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। इन जिलों को अब बस सितंबर महीने से ही उम्मीद बची है। मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी में बारिश का कोटा लगभग पूरा हो चुका है।
जून से सितंबर तक का महीना मानसून का माना जाता है। इन चार महीनों की बारिश ही पूरे साल भूजल स्तर, पेयजल, खेती-किसानी की स्थिति को निर्धारित करती है। इस साल मानसून सीजन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लगभग सभी जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई थी। जुलाई तक हालात ऐसे थे कि सूखे के आसार जताए जाने लगे थे, मगर इसके बाद अगस्त में स्थितियां तेजी से बदली हैं।
दूसरी ओर पूर्वांचल के छह जिले अब भी सामान्य बारिश को तरस रहे हैं। वहां दो-तीन दिन तेज बारिश जरूर हुई, लेकिन पूरे सीजन का कोटा पूरा होने से अभी बहुत दूर हैं। अगर सितंबर में भी माकूल बारिश नहीं हुई तो वहां चुनौती बढ़ सकती है।
चार जिलों को माना गया है सामान्य
दैनिक वर्षा के आंकड़ों के आधार पर मौसम विज्ञान विभाग ने मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी और बलिया की स्थिति को सामान्य माना है। वहीं चंदौली, आजमगढ़, गाजीपुर और जौनपुर में अपर्याप्त वर्षा या कमी श्रेणी में रखा गया है। मऊ और भदोही में भारी कमी या प्रचूर मात्रा में अभाव (लार्ज डिफिसिएंट) माना गया है। इन जिलों के लिए सितंबर में अच्छी बारिश बहुत जरूरी होगी।
सोनभद्र में बारिश मानसून सीजन की शुरुआत में थोड़ी कम हुई थी, लेकिन अगस्त की भारी बारिश ने वह कमी पूरी कर दी है। खेती-किसानी के लिए अब तक अच्छी बारिश रही है। बांध-बंधियों के भरने से आगे भी सिंचाई का संकट नहीं रहेगा। -वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी, सोनभद्र
| जिला | औसत वर्षा | अब तक हुई | अंतर (प्रतिशत में) |
| मिर्जापुर | 683.2 | 725.0 | +6 |
| वाराणसी | 615.1 | 633.3 | +3 |
| सोनभद्र | 679.3 | 669.3 | -1 |
| बलिया | 541.7 | 468.2 | -18 |
| आजमगढ़ | 648.5 | 499.2 | -23 |
| चंदौली | 565.7 | 436.0 | -23 |
| गाजीपुर | 603.6 | 416.3 | -31 |
| जौनपुर | 541.7 | 229.5 | -58 |
| भदोही | 623.4 | 231.6 | -63 |
| मऊ | 624.9 | 232.0 | -63 |
(नोट: आंकड़े भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी किए गए हैं)