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गोबर बेचकर किया जाएगा चारे का इंतजाम
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पीडीडीयू नगर। पशु आश्रय स्थल पर रखे गए निराश्रित पशुओं के चारे की बेहतर व्यवस्था के लिए नगर पालिका अब उनके गोबर का इस्तेमाल करेगी। नगर पालिका पीडीडीयू नगर गोवंशों के गोबर को बेच कर उससे मिलने वाले रुपयों को उनके लिए बेहतर भोजन का इंतजाम करने में जुटी हुई है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने वाराणसी स्थित एक संस्था से वार्ता लगभग फाइनल हो चुुकी है। वार्ता सफल रही तो जल्द ही संस्था की ओर से ढाई रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर खरीदा जाएगा। इससे गोबर बर्बाद होने से भी बच जाएगा और धन मिलने से पशुओं के चारे का बेहतर इंतजाम हो सकेगा।
लोगों के लिए आफत बन चुके निराश्रित पशुओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नगर पालिका, पंचायत स्तर पर पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया है। सरकार की ओर से गोवंशों के भोजन के लिए प्रति दिन तीस रुपये का भुगतान किया जाता है। लेकिन बढ़ती महंगाई में तीस रुपये नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में गोवंशों को बेहतर चारा-पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका ने अब ऐसे पशुओं के गोबर को बेचने का निर्णय लिया है। नगर पालिका ईओ कृष्ण चंद्र ने गोबर खरीदने के लिए वाराणसी स्थित एक संस्था से वार्ता भी की है। बता दें कि नगर स्थित दो पशु आश्रय स्थल पर पचास से अधिक गोवंश मौजूद हैं। जानकारों के अनुसार एक पशु एक दिन में औसतन चार से पांच किलो गोबर करता है। यानी ढाई रुपये प्रतिकिलो गोबर के हिसाब से एक दिन में 625 रुपये की कमाई होगी और महीने में 18 हजार से अधिक रुपये नगर पालिका को मिलेंगे। पशुओं की संख्या बढ़ी तो आय और बढ़ेगी और होने वाली आय से उनके चारे के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
गोवंशों के गोबर को बेचने के लिए वाराणसी की एक संस्था से वार्ता की जा रही है। वार्ता के बाद संस्था ढाई रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर उठाकर ले जाएगी। एक आंकड़े के अनुसार एक गोवंश करीब चार किलो गोबर हर रोज करती है।
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कृष्णचंद्र, एक्सईएन, नगर पालिका पीडीडीयू नगर
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लोगों के लिए आफत बन चुके निराश्रित पशुओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नगर पालिका, पंचायत स्तर पर पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया है। सरकार की ओर से गोवंशों के भोजन के लिए प्रति दिन तीस रुपये का भुगतान किया जाता है। लेकिन बढ़ती महंगाई में तीस रुपये नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में गोवंशों को बेहतर चारा-पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका ने अब ऐसे पशुओं के गोबर को बेचने का निर्णय लिया है। नगर पालिका ईओ कृष्ण चंद्र ने गोबर खरीदने के लिए वाराणसी स्थित एक संस्था से वार्ता भी की है। बता दें कि नगर स्थित दो पशु आश्रय स्थल पर पचास से अधिक गोवंश मौजूद हैं। जानकारों के अनुसार एक पशु एक दिन में औसतन चार से पांच किलो गोबर करता है। यानी ढाई रुपये प्रतिकिलो गोबर के हिसाब से एक दिन में 625 रुपये की कमाई होगी और महीने में 18 हजार से अधिक रुपये नगर पालिका को मिलेंगे। पशुओं की संख्या बढ़ी तो आय और बढ़ेगी और होने वाली आय से उनके चारे के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
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गोवंशों के गोबर को बेचने के लिए वाराणसी की एक संस्था से वार्ता की जा रही है। वार्ता के बाद संस्था ढाई रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर उठाकर ले जाएगी। एक आंकड़े के अनुसार एक गोवंश करीब चार किलो गोबर हर रोज करती है।
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कृष्णचंद्र, एक्सईएन, नगर पालिका पीडीडीयू नगर