Flood Alert: वाराणसी में वरुणा नदी का जलस्तर घटा, कई इलाकों में नहीं मिली राहत सामग्री; बढ़ी परेशानी
Flood in Varanasi: वाराणसी में दूसरी बार बाढ़ का पानी बढ़ने से नदी के किनारे रहने वाले फिर से परेशान हो गए थे। एक हफ्ते बाद पानी घट रहा है। वहीं, मच्छरों और गंदगी की समस्या बरकरार है।
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Varanasi News: गंगा का जलस्तर कम होने के साथ ही वरुणा नदी का पानी भी तेजी से घटने लगा है। इसके चलते तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है और बाढ़ का खतरा धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। तातेपुर, सलारपुर, सलारपुर सतरंगी, रसूलगढ़, पुल्कोहना, पैगंबरपुर, दनियालपुर, मौजहाल, बघवानाला, शैलपुत्री, शक्कर तालाब, हिदायत नगर, तालीमनगर, उचवा, मीरा घाट, समेत दर्जनों इलाकों में बीते दिनों पानी भरने से लोग प्रभावित हुए थे। अब इलाकों में संक्रामक बीमारियों के मामले भी सामने आ रहे हैं।
प्रशासन की ओर से सक्रिय राहत शिविरों में शरण लिए लोगों को दवा और भोजन समय से दिया जा रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो चोरी के डर से अपना घर छोड़कर शिविरों तक नहीं पहुंचे और घरों में शरण लिए हुए हैं। इन तक खाद्य सामग्री और जरूरी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।
बाढ़ पीड़ित दीनदयालपुर के संतोष विश्वकर्मा, बेचन विश्वकर्मा, रोशन बानो, अजीत, रानी देवी, शोभा ने बताया कि वह घर के पास ऊंचाई पर रह रहे हैं, लेकिन अब तक राहत सामग्री नहीं मिली है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार गंगा का जलस्तर रात नौ बजे 69.08 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में हर घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से घटाव हो रहा है।
बीमारी का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई मोहल्लों से बुखार, दस्त और त्वचा संबंधी रोगों की शिकायतें आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत शिविरों में तो नियमित जांच और दवाएं वितरित कर रही हैं, लेकिन जिन परिवारों ने शिविर में शरण नहीं ली है, वह स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।
लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों के अंदर और बाहर कीचड़ का अंबार लगा हुआ है। जिससे तेज दुर्गंध आ रही है, साथ ही विशाल जीव जंतु और मच्छरों का प्रकोप भी फैल रहा है। इन इलाकों में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है।