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World Leprosy Day : कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल, पांच साल पहले थे 303 मरीज, अब 79 हुई संख्या
Sun, 30 Jan 2022 12:39 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 12:39 AM IST
सार
वाराणसी में पांच साल पहले जिले में कुल 303 रोगी थे। 2021 में जिले के अलग-अलग ब्लॉकों से कुल 26 नए रोगी मिले हैं। सबसे अधिक काशी विद्यापीठ ब्लॉक में सात मरीज मिले।
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वाराणसी में कुष्ठ आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी में कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में चल रहे अभियान में साल दर साल सफलता मिल रही है। पांच साल पहले जिले में कुल 303 रोगी थे। अब इनकी संख्या 79 हो गई है। 2021 में जिले के अलग-अलग ब्लॉकों से कुल 26 नए रोगी मिले हैं। सबसे अधिक काशी विद्यापीठ ब्लॉक में सात मरीज मिले।
चिरईगांव में चार, आराजी लाइन में तीन, सेवापुरी में पांच, हरहुआ में एक बड़ागांव में तीन, पिंडरा में दो और शहरी क्षेत्र में एक नया कुष्ठ रोगी मिला था। चोलापुर ब्लॉक में एक भी रोगी नहीं पाया गया। हर साल तीस जनवरी को अंतरराष्ट्रीय कुष्ठ रोग रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरुकता और रोकथाम है।
कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. राहुल सिंह का कहना है कि साल दर साल कुष्ठ रोगियों की संख्या में कमी बड़ी सफलता है। कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए समय पर इलाज जरूरी है। जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ रोगियों की निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। बताया कि कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल है।
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चिरईगांव में चार, आराजी लाइन में तीन, सेवापुरी में पांच, हरहुआ में एक बड़ागांव में तीन, पिंडरा में दो और शहरी क्षेत्र में एक नया कुष्ठ रोगी मिला था। चोलापुर ब्लॉक में एक भी रोगी नहीं पाया गया। हर साल तीस जनवरी को अंतरराष्ट्रीय कुष्ठ रोग रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरुकता और रोकथाम है।
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कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. राहुल सिंह का कहना है कि साल दर साल कुष्ठ रोगियों की संख्या में कमी बड़ी सफलता है। कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए समय पर इलाज जरूरी है। जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ रोगियों की निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। बताया कि कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल है।
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बाल और दिव्यांग कुष्ठ रोगी एक भी नहीं
जिले में बाल एवं दिव्यांग कुष्ठ रोगी इस समय एक भी नहीं है। डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में जिले को महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। वर्ष 2013-14 में बाल कुष्ठ रोगियों का प्रतिशत 4.17 था जो अब 2020-21 में शून्य हो चुका है।
इसी तरह वर्ष 2013-14 में दिव्यांग कुष्ठ रोगियों का प्रतिशत 3.30 था, इस समय शून्य है। दिव्यांग कुष्ठ रोगियों को आजीवन हर माह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस समय 128 दिव्यांग कुष्ठ रोगी यह सहायता राशि ले रहे हैं।
जिले में बाल एवं दिव्यांग कुष्ठ रोगी इस समय एक भी नहीं है। डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में जिले को महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। वर्ष 2013-14 में बाल कुष्ठ रोगियों का प्रतिशत 4.17 था जो अब 2020-21 में शून्य हो चुका है।
इसी तरह वर्ष 2013-14 में दिव्यांग कुष्ठ रोगियों का प्रतिशत 3.30 था, इस समय शून्य है। दिव्यांग कुष्ठ रोगियों को आजीवन हर माह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस समय 128 दिव्यांग कुष्ठ रोगी यह सहायता राशि ले रहे हैं।
ऐसे घटते गए मरीज
वर्ष मरीज
2016-17 303
2017-18 226
2018-19 133
2019-20 128
2020-21 79
2016-17 303
2017-18 226
2018-19 133
2019-20 128
2020-21 79