यूपी: कोरोना संक्रमित पांच मरीज गायब, गलत नंबर देकर फरार है पांचों
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मंगलवार को जांच रिपोर्ट में एक गांव के पांच लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। इन मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती करने के लिए जब स्वास्थ्य टीम ने उन्हें कॉल किया, तो तीन के मोबाइल बंद मिले। यह नंबर उन मरीजों ने टेस्टिंग के दौरान उपलब्ध कराया था।
जबकि चौथे-पांचवे मरीज को कॉल किया तो एक खुद को लखनऊ में और एक सुल्तानपुर जिले में बताया। लेकिन दोनों ने जांच कराने से भी इंकार कर दिया। ऐसे में स्वास्थ्य टीम के सामने लापता पांचों मरीजों की तलाश करने की समस्या उत्पन्न हो गई। इस बात की जानकारी होने पर मरीजों की तलाश के लिए अन्य टीमों को लगाया गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम अलग-अलग कोविड-19 जांच रिपोर्ट में कोरोना के 16 मरीज मिले थे। इसमें आरटीपीसीआर की 504 जांच रिपोर्ट में 14 मरीज और बाकी एंटीजन से संक्रमित हुए। आरटीपीसीआर के में संक्रमित 14 में से पांच मरीजों ने अपना पता सरैया गांव लिखवाया था।
मंगलवार की शाम रिपोर्ट आने पर इन मरीजों को उनके संक्रमित होने और उन्हें कोविड अस्पताल पहुंचाने के लिए जब मेडिकल टीम ने उनके द्वारा दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो तीन के नंबर बंद मिले। जबकि दो ने फोन उठाया और बोला यह नाम उनका नहीं है। न ही उन्होंने कोई जांच कराई है। इसमें एक लखनऊ से था तो दूसरा सुल्तानपुर जिले का निवासी है।
इसके बाद से स्वास्थ्य टीम मरीजों की तलाश में जुटी है, लेकिन दूसरे दिन तक पांचों मरीजों का पता नहीं चला। स्वास्थ्य टीम मरीजों की तलाश में जब सरैया गांव पहुंची तो वहां पता चला कि इस नाम का कोई नहीं है। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम हलाकान नजर आई।
अब टीम जिले में मौजूद अन्य सरैया गांव की जानकारी कर वहां जाकर लापता पांचों मरीजों का पता करने की तैयारी कर रही। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि जांच में संक्रमित पांच मरीजों के मोबाइल नंबर के साथ पता गलत मिला है, इसके चलते मरीजों को ट्रैस करने में दिक्कत हो रही है। लेकिन जल्द ही उन्हें ट्रैस कर लिया जाएगा।