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मरीजों तक कैसे पहुंचेगी मदद: वाराणसी में 100 रुपये के पंक्चर के चक्कर में कबाड़ बनकर खड़ी हैं पांच एंबुलेंस

Tue, 21 Jul 2026 12:11 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 21 Jul 2026 12:11 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस के पहिये पंक्चर पड़े हैं। इसे बनवाने में महज 100 रुपये खर्च होंगे। स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था को सुधार नहीं पा रहा है। 

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Five ambulances in Varanasi lying idle and reduced to scrap over ₹100 puncture repair
वाराणसी में अस्पतालों में खड़ी एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस इन दिनों खुद बदहाल स्थिति में हैं। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल परिसर, महिला अस्पताल कबीरचौरा, सीएचसी शिवपुर, विद्यापीठ सीएचसी और मंडलीय अस्पताल में एंबुलेंस लंबे समय से खड़ी हैं। इनमें कई एंबुलेंस के पहिये पंक्चर हैं। बाजार में एक पहिया का एक पंक्चर बनवाने पर महज 100 का खर्च आता है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इन्हें ठीक नहीं करा पा रहा है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर खड़े रहने से इनमें अन्य तकनीकी खराबियां आने की भी आशंका है। इनमें 102 नंबर की तीन एंबुलेंस भी शामिल हैं।

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जिले में गर्भवती महिलाओं और नवजातों को अस्पताल लाने तथा उपचार के बाद घर पहुंचाने के लिए 102 नंबर की एंबुलेंस की निशुल्क सेवा उपलब्ध है। वहीं, सड़क दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों के लिए 108 नंबर की एंबुलेंस संचालित होती हैं। जिन एंबुलेंस को लगातार सड़क पर रहना चाहिए, वे लंबे समय से खराब हालत में खड़ी हैं। कई मामलों में इनमें कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि केवल पहिये पंक्चर हैं।
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महिला अस्पताल कबीरचौरा परिसर में खड़ी एंबुलेंस के आगे और पीछे के पहिये पंक्चर हैं। वहीं, सीएचसी शिवपुर में भी पंचर होने के बाद एंबुलेंस की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे वह लंबे समय से खड़ी है। इसके अलावा मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा परिसर में बर्न यूनिट के सामने भी एक एंबुलेंस खराब हालत में खड़ी है।

केस-1
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल परिसर में एमसीएच विंग के गेट के पास 102 नंबर की एंबुलेंस लंबे समय से खड़ी है। इसके आगे और पीछे का एक-एक पहिया पंक्चर है। बाहरी तौर पर वाहन की स्थिति सामान्य दिखाई देती है। इसी मार्ग से प्रतिदिन सीएमएस, डॉक्टर और कर्मचारी गुजरते हैं, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया।

केस-2
जिला महिला अस्पताल, कबीरचौरा में एसआईसी कार्यालय के सामने 102 नंबर की एंबुलेंस कई दिनों से एक ही स्थान पर खड़ी है। इसके दो पहिये पंचर हैं। वाहन की अन्य स्थिति ठीक दिखाई देती है। यदि इसका पंक्चर बनवा दिया जाए तो इसे मरीजों की सुविधा के लिए फिर से संचालित किया जा सकता है।

केस-3
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीज रेफर होकर आते हैं। यहां परिसर में 108 नंबर की एंबुलेंस महीनों से खड़ी है। पहले इसका पिछला पहिया पंचर हुआ था। समय पर मरम्मत न होने के कारण वाहन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

ये भी जानें

  • 108 नंबर : 28
  • 102 नंबर : 38

 

अधिकारी बोले
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जहां भी एंबुलेंस पंक्चर या खराब हालत में खड़ी हैं, उनकी मरम्मत कराना एंबुलेंस संचालन करने वाली सेवा प्रदाता कंपनी की जिम्मेदारी है। इस संबंध में संबंधित कंपनी के अधिकारियों से बात कर व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। -डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य

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