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Chhath 2025: उत्तरवाहिनी के तट पर छठ की वेदी पर जल उठा पहला दीप, नहाय खाय के साथ महापर्व शुरू

Sat, 25 Oct 2025 05:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 25 Oct 2025 05:45 PM IST
सार

Varanasi News: पर्व के हिसाब से पूजन सामग्रियों को जुटाना शुरू कर दी हैं। बाजारों व चौराहों पर लगी दुकानों से पूजन सामग्रियों की खरीदारी शुरू हो गई है। ज्यादातर सामानों पर 10 से 20 रुपये की तेजी रही।

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first lamp is lit on Chhath altar on banks of Uttarvahini River grand festival begins with Nahay Khay
डाला छठ पर वेदी बनाकर पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भगवान शिव की नगरी में सूर्य की उपासना का चार दिवसीय महापर्व नहाय खाय के साथ शनिवार को शुरू होगा। शुक्रवार को उत्तरवाहिनी गंगा के तट, कुंड और सरोवरों पर बनी वेदियों पर पहला दीप जल उठा। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और घरों में छठ मइया के गीत भी गुंजायमान हो उठे।

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शुक्रवार की शाम को गंगा के तट, कुंड और सरोवरों पर व्रतियों ने अपनी-अपनी वेदी पर दीप जलाए। सुबह से ही घाटों पर जगह घेरने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। कोई बांस बल्ली लगाकर तो कोई अपना नाम लिखकर स्थान घेर रहा था। बरेका, भैंसासुर, अस्सी, दशाश्वमेध, वरुणा के तट पर छठ के लिए लोगों ने अपनी-अपनी वेदियां तैयार कर ली हैं। 
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किसी ने पुलिस लिखा तो किसी ने राधा तो किसी ने मंत्रालय तो किसी ने अपना नाम लिखकर स्थान घेर लिया है।  शनिवार को नहाय खाय के साथ चार दिवसीय महापर्व की शुरुआत होगी। 26 को खरना के साथ 36 घंटे का व्रत आरंभ हो जाएगा। 27 अक्तूबर को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित किया जाएगा और 28 की भोर में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण होगा।

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सास बीमार पड़ीं तो शुरू कर दी छठ पूजा
श्यामा नगर ककरमत्ता की रहने वाली इंदुमती सिंह मौर्या पिछले 20 वर्षों से छठी मइया की पूजा करती हैं। बताती हैं कि मैं ससुराल आई थी और छठ पूजा का समय था, उसी समय मेरी सास की तबीयत खराब हो गई। मेरी सास ने मुझसे पूछा कि क्या तुम इस बार मेरी मदद कर छठ मइया का व्रत रख लोगी। मुझे छठ पूजा के बारे में कुछ पता नहीं था, लेकिन मैंने उनके नाराज हो जाने के डर से व्रत किया। उसके अगले साल मेरी सास ठीक हो गईं। इसके बाद हम दोनों व्रत रखने लगीं। 

राजस्थान से छठ मनाने काशी आईं नेहा  
राजस्थान के झुंझुनू से नेहा सिंघानिया काशी में डाला छठ का व्रत करने आई हैं। उनकी पहली छठ पूजा होगी। पिता संतोष ने बताया कि इसी साल झुंझुनू में शादी हुई है। मगर, वहां छठ पूजा न होने से यहां पर करने के लिए बेटी को बुलाए हैं।

first lamp is lit on Chhath altar on banks of Uttarvahini River grand festival begins with Nahay Khay
सूप-दउरा खरीदते लोग। - फोटो : अमर उजाला

घरों में गूंज रहे छठ गीत
घरों में छठ गीत गूंजने लगे हैं। लोग मोबाइल, भोजपुरी चैनलों पर सुबह से रात तक छठ के ही गीत चल रहे हैं। वहीं रेलवे स्टेशनों पर छठ के गीत बजने लगे हैं। बनारस, वाराणसी, वाराणसी सिटी, छपरा, सीवान सहित 15 जगहों पर छठ पूजा तक गीत बजते रहेंगे। 

चांदी के सूप की डिमांड, रोज हो रही पांच किलो की खपत
छठ महापर्व पर इस बार सराफा बाजार में चांदी के बने सूप की डिमांड है। साइज में छोटे से सूप देखने में काफी आकर्षक लग रहे हैं। सराफा कारोबारियों के मुताबिक, वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में इन दिनों रोज करीब पांच किलोग्राम चांदी के सूप की खपत हो रही है।

रोज करीब 10 लाख रुपये कारोबार हो रहा है। रेशम कटरा, सुड़िया, ठठेरी बाजार, गोविंदपुरा, चौक, बड़ादेव के सराफा दुकानों पर इसकी डिमांड ज्यादा है। पूर्वांचल के कारोबारी यहां से चांदी के बने सूप और अन्य सामान बेचने के लिए ले जा रहे हैं। चांदी से बने इन सूप का वजन 10 ग्राम से लेकर 200 ग्राम तक है। सराफा कारोबारी आकाश सराफ के अनुसार, इस वर्ष छठ पर्व के साथ ही आने वाले लगन के सीजन की शुरुआत होने से चांदी के उत्पादों की मांग ज्यादा है। 

चांदी के सूप बाजार में 10 ग्राम से लेकर 200 ग्राम तक के विभिन्न आकारों में उपलब्ध हैं। कई परिवार इन सूपों को पूजा के साथ-साथ घर की संपत्ति और शुभता के प्रतीक के रूप में भी सहेजकर रखते हैं। काशी सराफा मंडल के अध्यक्ष रवि सराफ का कहना है कि छठ पर लोग चांदी के सूप को आस्था से जोड़ कर देख रहे हैं। 

दउरा और सूप से शुरू की खरीदारी
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी शनिवार को छठ नहाय खाय के साथ चार दिवसीय सूर्य षष्ठी का महापर्व डाला छठ शुरू होगा। मगर, शुक्रवार को दउरा, सूप, डलिया के साथ खरीदारी शुरू हो गई। बाजार में सजी अस्थायी दुकानों पर दिनभर मोलभाव के साथ खरीदारी के लिए खासकर महिलाएं जुटी रहीं। 

शनिवार से पूजन सामग्रियों में फलों और सब्जियों की भी खरीदारी शुरू हो जाएगी। पूजा में लगने वाले बांस के सामान और मेवे में तेजी है। छठ पर महिलाएं 36 घंटे निराजल व्रत रखेंगी।  

महिलाओं ने खासकर बांस की टोकरियां, सूप, दउरा, डलिया, पीतल के सूप, लोटा-थाली, कोसी, परई, दीया खरीदा। दउरा 200 से 300 रुपये, सूप 50 से 90 रुपये और डलिया 50 से 100 रुपये पीस बिका। इसके अलावा साठी का चावल, सोपाड़ी, गुड़, नया चावल, महावर पूजा के लिए नए कपड़ों की खरीदारी हुई। दुकानदार नंदलाल गुप्ता ने बताया कि पूजन सामग्री में 20 फीसदी की तेजी है। 

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