{"_id":"5c8d22f9bdec2213f6782f02","slug":"firing-on-bhu-student-case-turns-out-false","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू के छात्र का फायरिंग का आरोप, जांच में मामला निकला झूठा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू के छात्र का फायरिंग का आरोप, जांच में मामला निकला झूठा
Sat, 16 Mar 2019 09:53 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 16 Mar 2019 09:53 PM IST
विज्ञापन
firing
- फोटो : फाइल फोटो
बीएचयू के बिड़ला सी हॉस्टल में रहने वाले छात्र आशुतोष त्रिपाठी ने खुद पर फायरिंग किए जाने की सूचना लंका पुलिस को दी। प्रकरण को लेकर लंका थाने में धीरज सिंह, गौरव मिश्रा और अभिजीत मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। लंका पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो पूरा मामला झूठा निकला।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार पेशबंदी में झूठी सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। छात्र आशुतोष त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की रात धीरज, गौरव और अभिजीत हॉस्टल आए। तीनों ने उसे देखते ही पुरानी रंजिश में फायरिंग कर दी लेकिन किसी तरह से वो खुद की जान बचाने में सफल रहा और मौके से भाग निकला।
विज्ञापन
लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि तफ्तीश की गई तो मौके से दो अलग-अलग पिस्टल के खोखे बरामद किए गए। वादी के बयान में हर बार नए तथ्य सामने आ रहे थे। तीनों आरोपियों की लोकेशन सर्विलांस सहित अन्य माध्यमों से चेक की गई तो सामने आया कि तहरीर में वारदात का जो समय बताया गया है, उस समय वो बीएचयू परिसर में नहीं थे। पूरा मामला पेशबंदी का है।
विज्ञापन