वाराणसी के अपार्टमेंट में आग: बिल्डर के खिलाफ फ्लैट मालिकों में जबरदस्त गुस्सा और उबाल, क्षतिपूर्ति की मांग
अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट के फ्लैट आग लगने की घटना के अगले दिन पहुंचे बिल्डर को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। आगलगी में नष्ट हुए फ्लैट और वस्तुओं की क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर बिल्डर का घेराव कर दिया।
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वाराणसी के सिगरा स्थित अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट में बीती रात लगी आग के बाद शुक्रवार को दिनभर गहमागहमी रही। शुक्रवार को मौके पर पहुंचे बिल्डर आरसी जैन और प्रभात ढंढानिया के खिलाफ फ्लैट मालिकों में जबरदस्त गुस्सा और उबाल रहा।
11 मंजिला अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट में रहने वाले सचिन जायसवाल, पीएन पांडेय, डीके श्रीवास्तव आदि लोगों के अनुसार अवासीय परिसर में कमर्शियल गोदाम बना रखा गया है। भारी ट्रकें खड़ी रहती हैं, यही कारण है कि फायर ब्रिगेड के हाईड्रोलिक क्रेन को अंदर आने में ट्रकों के चलते भारी दिक्कत और देरी हुई। फ्लैट देते समय जो वादे और नियम कानून बताए गए थे, उसका आधा भी पूरा नहीं किया गया।
दो से ढाई करोड़ रुपये के सामान जलकर नष्ट
बीती रात अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट के बी-ब्लॉक के 401 नंबर फ्लैट में लगी आग से सबकुछ तबाह हो गया। फ्लैट मालिक राकेश कुमार गुप्ता ने सिगरा थाने में तहरीर दी। राकेश के अनुसार 90 लाख मूल्य के फ्लैट में दो से ढाई करोड़ रुपये के सामानों के जलकर नष्ट होने का अनुमान है। मांग है कि पहले की तरह फ्लैट बनाकर दिया जाए, जो आग में क्षति हुई है उसकी पूर्ति की जाए।
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10 साल की गाढ़ी कमाई चार घंटे में हो गई खाक
आग में सब कुछ तबाह हो गया। 10 वर्षों की गाढ़ी कमाई से तैयार आशियाने में सिर्फ और सिर्फ काली दीवारें बची हैं। चार घंटे में घर-गृहस्थी के सामान यहां तक कपड़े, नकदी, आभूषण आदि सबकुछ जल गए। बच्चों की किताबें, राशन कुछ भी नहीं बचा। रोते-बिलखते हुए बच्चों और अन्य परिवारों के साथ पूरी रात खुले आसमान के नीचे कटी।
यह दर्द अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट के बी-ब्लॉक के 401 फ्लैट की मालकिन पीड़िता मीना गुप्ता का रहा। आवासीय परिसर में फायर सेफ्टी के इंतजाम होते तो आज इतना बड़ा हादसा नहीं होता। बिल्डर की लापरवाही ने हमे एक तरह से बेघर कर दिया।
चंदौली के चहनिया में सीडीपीओ के पद पर तैनात मीना गुप्ता ने बताया कि गुरुवार शाम सात बजे पूजा पाठ करके बच्चे को कपड़ा दिलाने के लिए मलदहिया गई थी। इतने में सूचना मिली कि फ्लैट में आग लगी है। अपार्टमेंट पहुंची तो मेरा आशियाना दहक रहा था।
दो सिलिंडर में हुआ ब्लास्ट
पति राकेश कुमार गुप्ता आग बुझाने में चोटिल हो गए। हाथ में चोटें आई। आग लपटें ऐसी थीं कि घर से हम कुछ भी नहीं निकाल पाए। साथ ही 1001 तक के फ्लैट में धुआं भर गया। सभी लोगों के सामान नष्ट हुए। बी-ब्लॉक के 44 फ्लैट के परिवारों के सदस्य लगभग 80 से अधिक लोग आवासीय परिसर के पार्क और दूसरे ब्लॉक की पार्किंग में पूरी रात जगते रहे।
दूसरे दिन तक फ्लैट आग से तपता रहा। मीना गुप्ता के अनुसार बालकनी में झूले पर रजाई रखी थी, आग उसी के जरिये फैली। आग की लपट से ही चार एसी और फ्रीज का कंप्रेशर फटा। दो सिलिंडर में ब्लास्ट हुआ।
11 मंजिला भवन और प्रथम तल तक ही थी पाइप
अग्निशमन और पुलिस अधिकारियों ने की पूछताछ
घटना के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को घटनास्थल पर अग्निशमन अधिकारियों, जिला प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस के अफसर पहुंचे। पीड़ितों से बातचीत की। इस दौरान बिल्डर आरसी जैन भी लोगों के बीच पहुंचे।
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