{"_id":"60ac05fe8ebc3e9a955d6b16","slug":"fee-reimbursement-of-students-stuck-for-online-registration-city-news-vns5911817179","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन पंजीकरण के फेर में फंसी छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन पंजीकरण के फेर में फंसी छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति
विज्ञापन
शिक्षा के अधिकार कानून के तहत जनपद में करीब 945 निजी विद्यालयों में लगभग 30 हजार छात्र निशुल्क पढ़ रहे हैं। इनमें वर्तमान सत्र के 10635 विद्यार्थी भी शामिल हैं। उनसे संबंधित अपेक्षित विवरण के अभाव में शुल्क प्रतिपूर्ति वह हजारों बच्चों की सहायता राशि फंसी हुई है।
जिले के 400 से अधिक निजी विद्यालयों ने अब तक शुल्क प्रतिपूर्ति व बच्चों की सहायता राशि के लिए अभिभावकों के खाता नंबर सहित अन्य विवरण ही नहीं अपलोड कराया है। वहीं कई निजी विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं कराया है।
बीएसए ने निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों को एक बैठक कर सभी को इस व्यवस्था के बारे में अवगत कराया। जिससे पोर्टल पर आरटीआई के अंतर्गत प्रवेशक एवं अध्ययनरत बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति एवं वित्तीय सहायता की मांग का पूर्ण विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के 400 से अधिक निजी विद्यालयों ने अब तक शुल्क प्रतिपूर्ति व बच्चों की सहायता राशि के लिए अभिभावकों के खाता नंबर सहित अन्य विवरण ही नहीं अपलोड कराया है। वहीं कई निजी विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं कराया है।
विज्ञापन
बीएसए ने निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों को एक बैठक कर सभी को इस व्यवस्था के बारे में अवगत कराया। जिससे पोर्टल पर आरटीआई के अंतर्गत प्रवेशक एवं अध्ययनरत बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति एवं वित्तीय सहायता की मांग का पूर्ण विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराया जा सके।
विज्ञापन