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उमराव जान की 82वीं पुण्यतिथि पर प्रशंसकों ने किया याद, मस्जिद काली गुंबज के पास मकबरे पर हुआ आयोजन
Thu, 26 Dec 2019 09:29 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Thu, 26 Dec 2019 09:29 PM IST
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उमराव जान की कब्र
- फोटो : अमर उजाला
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इस शम्मे-फरोजा को आंधी से डराते हो, इस शम्मे-फरोजा के परवाने हजारों हैं...। शहरयार की इस गजल को आशा भोसले की आवाज में फिल्म उमराव जान के किरदार पर फिल्माया गया था। उमराव जान के असल किरदार की 82वीं पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को उनको याद किया गया।
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डर्बीशायर क्लब की ओर से दरगाहे फातमान स्थित मस्जिद काली गुंबज के पास उमराव जान की कब्र पर उनके प्रशंसकों ने फातिहा पढ़ी और फूल चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बृहस्पतिवार को उमराव जान की 82वीं पुण्यतिथि पर उनके मकबरे को फूलों से सजाया गया।
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उमराव को याद करते हुए लोगों ने फूलों को चढ़ाकर फातिहा पढ़ी। आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने बताया कि 82 साल पहले फैजाबाद में पली बढ़ी उमराव पर दो फिल्में बनीं। एक में अभिनेत्री रेखा तो दूसरी में ऐश्वर्या ने उनका किरदार जीवंत किया था।
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फैजाबाद में ही उमराव ने गीत संगीत और नृत्य की शिक्षा ली। अंतिम समय में अकेलेपन से दुखी होकर उमराव वाराणसी आ गई थीं। अपनी शोहरत की बुलंदियों और दुनिया को छोड़कर 26 दिसंबर 1937 को हमेशा के लिए चली गईं। इस दौरान अरुण सिंह, प्रमोद वर्मा, हैदर हुसैन, आफाक हैदर, चिंतित बनारसी, नौशाद अंसारी, जीशान, बल्ले शर्मा, वकील अहमद, अजायार हुसैन, नसरुद्दीन कैश अंसारी मौजूद रहे।