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UP: सहालग में नकली बिल का खेल...करोड़ों की कर चोरी, पक्की की जगह कच्ची बिल पकड़ा रहे; पढ़ें लूट उत्सव का खेल

Sun, 23 Nov 2025 05:27 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 23 Nov 2025 05:27 AM IST
सार

मंडप, कैटरिंग सहित विवाह संबंधी कई चीजों की बुकिंग के लिए पैसे तो लिए जा रहे हैं, लेकिन बिल कच्ची दी जा रही है। बैंक्वेट हॉल में भी असली रेट लिस्ट से बढ़ाकर रुपये लिए जा रहे हैं। इसको लेकर लोगों की जेब पर काफी असर पड़ रहा है।

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Fake bills during wedding season crores in tax evasion fake bills presented instead of real ones
आकर्षक तरीके से सजने लगे मंडप। - फोटो : संवाद

विस्तार

सहालग की शुरुआत के साथ ही शादियों का सीजन जोर पकड़ चुका है। लेकिन इस रौनक के बीच बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग और शादी से जुड़े कारोबारियों की मनमानी ने लोगों को परेशान कर दिया है। कई प्रतिष्ठान ग्राहकों को असली बिल की जगह नकली पर्ची थमा रहे हैं और रेट मनमर्जी से दोगुने-तीन गुने तक वसूले जा रहे हैं। लोग इसे सहालग नहीं बल्कि ‘लूट उत्सव’ कहने लगे हैं।

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ज्यादातर जगहों पर ग्राहकों को बिल के नाम पर सिर्फ एक छोटी पर्ची दी जाती है। न उसमें जीएसटी नंबर होता है, न प्रतिष्ठान का पूरा नाम बस तारीख और रकम लिखी होती है। यही सबसे बड़ा टैक्स चोरी का रास्ता है। 
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बैंक्वेट हॉल की असली रेट लिस्ट में प्रति प्लेट 700 रुपये दर्ज है, लेकिन सहालग में यह रेट 1200 से 1500 रुपये तक वसूला जाता है। बढ़े हुए रेट किसी रजिस्टर में दर्ज नहीं होते। जीएसटी इनक्ल्यूसिव लिखकर ग्राहकों से पैसा लिया जाता है, लेकिन विभाग में जमा नहीं किया जाता।

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लोगों की राय : हाल ही में बेटी की शादी कराने वाले राजाराम सिंह ने बताया कि बुकिंग के समय ही कहा गया कि सीजन चल रहा है, रेट बढ़े हुए हैं और एडवांस देना होगा। मजबूरी में देना पड़ा। सुरेंद्र यादव ने बताया कि हमने अपनी बेटी की शादी के लिए एक मैरेज लान बुक किया था। उसके द्वारा हमें कोई पक्की बिल नहीं दी गई। इतना ही नहीं न तो कैटरिंग वाले और ना ही किसी और ने पक्की बिल दी।


इस तरह के मामलों की जांच के लिए हमारे यहां एक एसआईवी टीम गठित है जो इस तरह के मामलों की जांच करती हैं। अगर कहीं से शिकायत या जानकारी मिलती है यह टीम कार्य करती है। - धीरज राय, असिस्टेंट कमिश्नर, जीएसटी।

इन बातों का रखें ध्यान

  • हमेशा जीएसटी वाला पक्का बिल लें।
  • सीजन रेट का आधार पूछें और लिखित रूप में लें।
  • एडवांस देते समय कॉन्ट्रेक्ट पेपर जरूर बनवाएं।
  • पैकेज में शामिल हर आइटम की लिस्ट तैयार कराएं।
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