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आयुष्मान लाभार्थियों से वसूली, योजना से बाहर हुआ अस्पताल
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वाराणसी। आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड होने पर निशुल्क जांच, ऑपरेशन और दवा की व्यवस्था है, इसके बावजूद लाभार्थियों से रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसे ही मामले में मरीजों के परिजनों की शिकायत पर ककरमत्ता स्थित पापुलर हॉस्पिटल को योजना से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जो मरीज इस समय भर्ती हैं, उनका पूरा इलाज करने के बाद ही डिस्चार्ज करने का आदेश दिया गया है।
यह कार्रवाई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की स्टेट हेल्थ एजेंसी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने की है। उन्होंने अपने 27 सितंबर के आदेश में एक महिला और नवजात शिशुओं से इलाज के नाम पर क्रमश: 85761, 1,57,800 और 1,24,758 रुपये लिए जाने का जिक्र किया है। साथ ही 24 मई और 23 जुलाई 2019 को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात भी लिखी है। कहा गया है कि हॉस्पिटल के निदेशक की ओर से जो जवाब दिया गया था, उसे संतोषजनक न पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से मिलने के बाद अस्पताल की ओर से 11 अगस्त को दिए जवाब में तीन में से दो लाभार्थियों से ली गई धनराशि चेक के माध्यम से लौटाने की बात कही गई थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निदेशक के साथ ही डीएम और सीएमओ को भी भेजी गई कॉपी में अस्पताल की ओर से किए गए सभी दावों का भौतिक सत्यापन कराने को भी कहा गया है। साथ ही कहा है कि अगले आदेश तक कोई भी नया लाभार्थी न भर्ती किया जाए।
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यह कार्रवाई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की स्टेट हेल्थ एजेंसी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने की है। उन्होंने अपने 27 सितंबर के आदेश में एक महिला और नवजात शिशुओं से इलाज के नाम पर क्रमश: 85761, 1,57,800 और 1,24,758 रुपये लिए जाने का जिक्र किया है। साथ ही 24 मई और 23 जुलाई 2019 को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात भी लिखी है। कहा गया है कि हॉस्पिटल के निदेशक की ओर से जो जवाब दिया गया था, उसे संतोषजनक न पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से मिलने के बाद अस्पताल की ओर से 11 अगस्त को दिए जवाब में तीन में से दो लाभार्थियों से ली गई धनराशि चेक के माध्यम से लौटाने की बात कही गई थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निदेशक के साथ ही डीएम और सीएमओ को भी भेजी गई कॉपी में अस्पताल की ओर से किए गए सभी दावों का भौतिक सत्यापन कराने को भी कहा गया है। साथ ही कहा है कि अगले आदेश तक कोई भी नया लाभार्थी न भर्ती किया जाए।
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